ठ्ठ जागरण संवाददाता, अमृतसर नेशनल
एससी-एसटी कमीशन की दिल्ली से आई टीम ने शनिवार को केंद्र व पंजाब सरकार
की विभिन्न स्कीमों को खंगाला तो तकरीबन चार करोड़ के गोलमाल के पुख्ता
सबूत मिले। कमीशन की अदालत में तकरीबन सौ लोगों ने बयान कलमबद्ध करवाते
हुए कहा कि लाभान्वित होने के बावजूद उन्हें चेक नहीं मिला। कमीशन ने
जिला प्रशासन से 15 दिन
के भीतर लाभान्वितों पूरा ब्योरा तलब किया है। अमृतसर
में डेवलपमेंट स्कीमों की रिव्यू के लिए नेशनल एससी-एसटी कमीशन के वाइस
चेयरमैन डा. राजकुमार के समक्ष पंजाब सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर
एचएस नंदा, डीसी
रजत अग्रवाल, आईजी
बार्डर रेंज आरपी मित्तल और पुलिस कमिश्नर राम
सिंह पेश हुए। जांच के लिए दिल्ली से आए कमीशन के ज्वाइंट
सेक्रेटरी पीके पिट्ठन, अंडर
सेक्रेटरी एसएन मीना, डायरेक्टर
एमआर बाली
और सर्च आफिसर राकेश शर्मा ने फाइलों को खंगालना शुरू किया तो स्कीमों में
अनियमितता की कलई परत दर परत खुलने लगीं। तकरीबन तीन घंटे तक फाइलों को
खंगालने के बाद डा.
राजकुमार ने पत्रकारों को बताया कि बार्डर एरिया डेवलपमेंट
स्कीम, सेनीटेशन, वजीफा, शगुन
स्कीम में तकरीबन चार करोड़ की अनियमितताएं सामने आई
हैं। कुछ बैंक अधिकारियों की मदद और पंचायत से गलत मत पारित
करवाकर पैसे निकाले गए। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं पर कई
तरह का दबाव है इसलिए उन्होंने अपना नाम व पता सार्वजनिक
ना करने का कमीशन से आग्रह किया है। डा. राजकुमार ने कहा
कि शगुन स्कीम में बड़ा फ्राड हुआ है। 2010 के बाद
शगुन स्कीम के तहत अमृतसर
में 10.50 करोड़
की राशि बांटी गई है, जिसमें
व्यापक पैमाने पर अनियमितता
की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि गरीबों को शौचालय बनाने के लिए
1.14 करोड़
जारी हुए। इसके तहत अमृतसर में 60 लाख व तरनतारन में 54 लाख रुपये
जारी किए गए। इसकी भी जांच की जाएगी। प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई है। इस
मामले में जल्द ही कमीशन एफआइआर दर्ज करवाने के अलावा जरूरत पड़ने पर
सीबीआइ को जांच के लिए आदेश जारी कर सकता है।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -4,23-9-2012 Hkz”Vkpkj

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