जागरण ब्यूरो, चंडीगढ़ : एचसीएस अधिकारियों के मनोनयन में हुए धांधली को लेकर सीबीआइ की रिपोर्ट से ओमप्रकाश चौटाला की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में सीबीआइ ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चौटाला व तत्कालीन परिवहन मंत्री अशोक अरोड़ा समेत 12 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। एचसीएस अधिकारियों का मनोयन वर्ष 2004 में किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल 81 पेज की जांच रिपोर्ट में सीबीआइ ने माना कि तय नियमों से छेड़छाड़ कर 8 अधिकारियों को लाभ पहुंचाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के तत्कालीन प्रधान सचिव रिटायर्ड आइएएस बीडी ढालिया के पुत्र अनुराग ढालिया को एचसीएस बनाने के लिए 66 अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को भी नजरअंदाज किया गया। वरिष्ठता सूची में अनुराग ढालिया 34वें नंबर पर था, जिसे पहले 66 से कम कर 40 सीनियर अधिकारियों की सूची में लाया गया और बाद में नियमों में बदलाव कर उन्हें टॉप पर पहुंचा दिया गया। सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में लाभान्वित सभी आठ एचसीएस अधिकारियों के मनोनयन को रद करने की भी सिफारिश की है। चौटाला पर पहले से ही आय से अधिक संपत्ति रखने तथा जेबीटी भर्ती घोटाले का मामला चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक रिटायर्ड आइएएस बीडी ढालिया के पुत्र अनुराग ढालिया को उनके चाचा डीएम ढालिया के निधन के बाद नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया था।
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