Monday, September 17, 2012

तीन और कोयला ब्लॉकों पर लटकी तलवार


नई दिल्ली, प्रेट्र : कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव जोहरा चटर्जी की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह (आइएमजी) ने भूषण स्टील और एसकेएस इस्पात एंड पावर को आवंटित दो खदानें रद करने और दो अन्य ब्लॉकों की बैंक गारंटी जब्त करने की सिफारिश की है। शनिवार को हुई आइएमजी की बैठक में शामिल एक सूत्र ने बताया कि पूरे दिन में चार मामलों की जांच की गई। वहीं, शुक्रवार शाम जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से आवंटित एक ब्लॉक रद करने की सिफारिश की गई थी। कोयला मंत्रालय द्वारा आइएमजी की सिफारिशें स्वीकार करने की स्थिति में रद होने वाले ब्लॉकों की संख्या सात हो जाएगी। भूषण स्टील को जनवरी 2006 में ओडिश में न्यू पतरापारा ब्लॉक आवंटित किया गया था। ब्लॉक में 31 करोड़ 60 लाख टन कोयले का भंडार है। कैग की रिपोर्ट में भी इन ब्लॉकों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लॉकों से कंपनी को 9,338 करोड़ रुपये का फायदा होने का आकलन किया गया था। इसके साथ ही एसकेएस इस्पात एंड पावर को आवंटित ब्लॉक भी रद करने की सिफारिश की गई है। इस कंपनी में पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय के भाई मानद निदेशक हैं। हालांकि, सूत्रों ने कंपनी को आवंटित ब्लॉक के बारे में जानकारी देने से इन्कार कर दिया। समूह 18 आवंटियों के मुहैया कराए गए जवाबों की जांच कर चुका है। समूह की अगली बैठक सोमवार को होगी। आइएमजी निजी कंपनियों को आवंटित कुल 58 ब्लॉकों में 29 से जुड़े मामले की जांच कर रहा है। इन आवंटियों को खनन कार्य में देरी की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।


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