शिमला हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सीडी मामले में शुक्रवार को शिमला की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में पेश हुए। खचाखच भरी अदालत में विशेष न्यायाधीश बीएल सोनी ने दोनों पर औपचारिक रूप से आरोप (फॉर्मल फ्रेम चार्ज) तय किए। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए मामले के शीघ्र निपटारे की मांग की। न्यायाधीश ने वीरभद्र व प्रतिभा को आरोप पढ़कर सुनाए। उन्हें बताया गया कि उन पर अंबुजा सीमेंट फैक्टरी स्थापित करने के बदले में रिश्वत लेने व सोलन स्थित मोहन मीकिंस बु्रअरी में एटीपी प्लांट बनाने के मामले में मोहलत देने की एवज में धन लेने के आरोप तय किए गए हैं। दोनों ने आरोपों को नकार दिया व अदालत से मुकदमा चलाने के लिए कहा। उन्होंने मुकदमे के शीघ्र निपटारे की मांग की। इस दौरान सतर्कता विभाग ने कोर्ट में अर्जी दायर कर दोनों आरोपियों को दी गई जमानत खारिज करने की मांग की है। विभाग का कहना है कि वह मामले के अहम गवाहों को डरा-धमका रहे हैं। इस अर्जी पर दोनों पक्षों की ओर से बहस 12 सितंबर को होगी। मेजर विजय सिंह मनकोटिया द्वारा धर्मशाला में मई, 2007 में जारी सीडी के आधार पर सतर्कता विभाग ने तीन अगस्त, 2009 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में विशेष अदालत द्वारा आरोप तय होने के बाद वीरभद्र सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 6 , 08-09-2012 Hkz”Vkpkj
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