Friday, September 14, 2012

दस्तावेज देखे बिना दो कंपनियों को दिए ब्लॉक


जास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि और बिनी आयरन स्टील उद्योग लिमिटेड ने दिए थे गलत साक्ष्य सीबीआई ने दोनों को पांचों एफआईआर में बुक किया

कुणाल/एसएनबी नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन में कोयला मंत्रालय के अधिकारी दो कंपनी जास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. और बिनी आयरन स्टील उद्योग लिमिटेड पर इतनी मेहरबान हुई कि उनके दस्तावेज की जांच तक नहीं की। मंत्रालय ने इन दोनों कंपनियों द्वारा आवेदन में दिए गए गलत साक्ष्य को दरकिनार करते हुए कोल ब्लॉक आवंटित कर दिया। इस बात का खुलासा सीबीआई ने अपनी जांच में किया है। इससे सीबीआई जल्द ही मंत्रालय के अधिकारियों और इन कंपनियों के अधिकारी पर शिंकजा कसेगी। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने इन दोनों कंपनियों को अपनी पांचों एफआईआर में बुक कर दिया है। सीबीआई ने जांच में पाया कि जास इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी और उसके ग्रुप कंपनियों को सात कोल ब्लॉक वर्ष 1997 से 2005 के बीच आवंटित किए गए थे, लेकिन इस कंपनी ने जब दोबारा कोल ब्लॉक आवंटन के लिए आवेदन किया तो इस सूचना को छिपा लिया कि उसके ग्रुप कंपनियों को सात कोल ब्लॉक आवंटित हो चुके हैं। जांच में पाया गया कि कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने जानबूझकर उसके उस दस्तावेज की जांच नहीं की जिसमें कोल आवंटन के वक्त आवंटित करने की सिफारिश की गई थी। इस कंपनी को झारखंड स्थित महुआ गढ़ी कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था। जहां तक विनी आयरन एंड स्टील कंपनी के आवंटन की बात है उसमें भी यह पाया गया कि कोयला मंत्रालय के अधिकारी और राज्य सरकार के आला अधिकारी इस कंपनी पर भी खासे मेहरबान हो गए थे। सीबीआई कोयला मंत्रालय के तत्कालीन अधिकारियों को समन कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। जांच में पाया (शेष पेज 2)


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