ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई
दिल्ली 2जी
की तरह ही कोयला ब्लाक आवंटन पर सीएजी रिपोर्ट को लेकर भी संसद की लोक लेखा
समिति (पीएसी) में हंगामे के आसार पहले ही दिन से बनने लगे हैं। शुक्रवार
को समिति की बैठक में सत्ताधारी दल कांग्रेस के सदस्यों ने कोयला आवंटन
के मुद्दे पर समाचार पत्रों में छपी रिपोर्ट वितरित करने पर आपत्ति जताई। मानसून
सत्र पूरी तरह बाधित रहने के बाद शुक्रवार को पीएसी में कोयला आवंटन पर
चर्चा शुरू हुई। बताते हैं कि कांग्रेस के सदस्य शुरूआत से ही आक्रामक थे।
उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि समिति के सचिवालय की ओर से कोयला आवंटन पर
छपी खबरें सदस्यों को वितरित की गई हैं जो पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं। उसमें
सरकारी पक्ष को सही तरीके से नहीं दिखाया गया है। समिति के अध्यक्ष डॉ
मुरली मनोहर जोशी ने यह कहकर उन्हें शांत किया कि कोयला के बारे में सदस्यों
को जानकारी देने की मंशा मात्र से समाचार पत्रों में छपी रिपोर्ट वितरित
की गयी थीं। बैठक में सबसे पहले कैग विनोद राय और उनकी टीम ने सरकारी
खजाने को 1.86 लाख
करोड़ के घाटे के आकलन का प्रजेंटेशन दिया। राय ने रिपोर्ट
को सही ठहराते हुए कहा, ब्लाक
आवंटन में संस्थान निजी कंपनियों को हुए वित्तीय लाभ
को दर्शाने में नाकाम रहा। रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया
का विवरण देते हुए कहा, कैग
ने न किसी
खास नीति का समर्थन किया है और न ही किसी के बारे में कोई
टिप्पणी की है। खदानों से निकाले जा चुके कोयले की मात्रा के
आधार पर रिपोर्ट को तैयार किया है। इस बारे में कोल इंडिया
लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का सहारा लिया गया। हालांकि
शुक्रवार को ज्यादा चर्चा नहीं हो पाई है, लेकिन बैठक में मौजूद सदस्यों
का मानना है कि यहां भी हंगामा होने के आसार हैं। ज्ञात हो, 2जी मामले
में रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले बैठक में जमकर हंगामा हुआ था और
सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने उसे खारिज कर दिया था।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -1,22 -9-2012 Hkz”Vkpkj

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