तीन और कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद
ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई
दिल्ली केंद्र
सरकार ने निजी क्षेत्र को दिए गए तीन और कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद कर
दिया है। सरकार की तरफ से गठित अंतर मंत्रालयी समूह (आइएमजी) ने बुधवार को
चार कोयला ब्लॉकों के लिए प्राप्त बैंक गारंटी को पूरी या आंशिक तौर पर जब्त
करने या का भी फैसला किया है। इस तरह से पिछले एक हफ्ते के भीतर निजी कंपनियों
को दिए गए 10 कोयला
ब्लॉकों का आवंटन रद किया जा चुका है। कोयला मंत्रालय ने
इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स के नार्थ धाडु, रूंगटा माइंस व सनफ्लैग
आयरन एंड स्टील के संयुक्त उद्यम को प्राप्त चोरीतांड तिलैया और महाराष्ट्र
सीमलेस की अगुआई वाले संयुक्त उपक्रम को मिले गोंडखारी कोयला ब्लॉक
का आवंटन निरस्त कर दिया। जिन कोयला ब्लॉकों के लिए कंपनियों की बैंक गारंटी
से जब्त करने या काटने का फैसला किया गया है, उनमें जायसवाल नेको को
आवंटित मोइत्रा भी शामिल है। डीबी पावर को आवंटित दुर्गापुर-सरिया, नीलांचल
आयरन एंड स्टील के डुमरी, आर्सेलर-
मित्तल और जीवीके पावर के सरेगढ़ा कोयला ब्लॉक
के लिए भी कंपनियों पर यही जुर्माना लगाया गया है। इन
सभी ब्लॉकों का विकास पूर्व निर्धारित समय सीमा के मुताबिक नहीं होने की वजह
से कंपनियों की बैंक गारंटी से कुछ हिस्सा काटने का फैसला किया गया है।
कोयला मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव जोहरा चटर्जी की अध्यक्षता में आइएमजी
की बैठक गुरुवार को भी होगी। आइएमजी को कुल 58 कोयला
ब्लॉकों के भविष्य पर फैसला करना है। इनमें 29 कोयला ब्लॉक निजी
कंपनियों को आवंटित हैं। अंतर मंत्रालयी समूह अभी निजी कंपनियों
के आवंटन पर फैसला कर रहा है। इसके बाद सरकारी कंपनियों को आवंटित कोयला
ब्लॉकों के भविष्य पर फैसला होगा।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -11,20-9-2012 Hkz”Vkpkj

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