ठ्ठ नीलू रंजन, नई दिल्ली हजारों करोड़ की आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में पहले से घिरे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर नए सिरे से सीबीआइ का शिकंजा कस सकता है। जांच एजेंसी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड के नए मालिक विजय जोशी और कोड़ा के संबंधों की पड़ताल में जुटी है। विनी आयरन को कोयला आवंटन के लिए न तो इस्पात मंत्रालय और न ही झारखंड सरकार ने अनुशंसा की थी, लेकिन जोशी के कंपनी खरीदते ही स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में झारखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव ने इसे कोल ब्लॉक आवंटन की जोरदार वकालत की। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस कंपनी के असली मालिक मधु कोड़ा हैं। सीबीआइ की एफआइआर के अनुसार, तीन जुलाई 2008 को हुई 36वीं स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के पहले विनी आयरन एंड स्टील कोयला ब्लॉक आवंटन की दौड़ से बाहर था। कोयला मंत्रालय ने झारखंड के उत्तरी राजहारा कोल ब्लॉक के आवंटन के लिए नवंबर, 2006 में निजी कंपनियों से आवेदन करने को कहा था। आवेदनकर्ता 24 कंपनियों में विनी आयरन भी शामिल थी, लेकिन इस्पात मंत्रालय ने इसके लिए जूम वल्लभ स्टील लिमिटेड की सिफारिश की थी। झारखंड सरकार ने भी विनी आयरन को इसके लायक नहीं समझा था। जून, 2008 में कोलकाता के तुलस्यान परिवार ने विनी आयरन एंड स्टील को तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नजदीकी विजय जोशी को बेच दिया। मालिक बदलते ही झारखंड सरकार का रुख भी बदल गया और स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में सूबे के तत्कालीन मुख्य सचिव एके बसु ने विनी आयरन को कोल ब्लॉक आवंटन की जोरदार पैरवी की। कोयला सचिव की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने नियमों को ताक पर रखकर विनी आयरन को ब्लॉक आवंटन का फैसला ले लिया। सीबीआइ जल्द ही एके बसु से पूछताछ करेगी। सीबीआइ की जानकारी के अनुसार, विजय जोशी की आड़ में विनी आयरन में मधु कोड़ा की ही काली कमाई लगी थी। एक वरिष्ठ अफसर ने कहा कि जोशी व कोड़ा के आर्थिक संबंधों का पता लगाया जा रहा है। इस संबंध में जल्द ही दोनों से पूछताछ की जा सकती है।
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