Monday, September 17, 2012

डीआरडीओ को नहीं मिलेगा ट्रक, टाट्रा पर गिरेगी गाज


नई दिल्ली, एजेंसी : लगता है सरकार टाट्रा ट्रक को लेकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के आरोपों से सहमत नजर आ रही है। मिल रहे संकेत के अनुसार ब्रिटेन स्थित ट्रक निर्माता कंपनी टाट्रा सिपॉक्स पर गाज गिराने की तैयारी है। प्रतीकात्मक तौर पर सरकार ने रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) को मिलने वाले एक टाट्रा ट्रक की आपूर्ति पर रोक लगाने का मन बना लिया है। इसके लिए इन ट्रकों की सेना में आपूर्ति को लेकर हुई गड़बड़ी की चल रही सीबीआइ जांच को आधार बनाया गया है। खबर है कि रक्षा मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीईएमएल के उस आदेश को रद करने जा रहा है, जिसके तहत सरकारी उपक्रम ने टाट्रा सिपॉक्स से डीआरडीओ के लिए 50 लाख रुपये में एक ट्रक की आपूर्ति का सौदा किया था। बीईएमएल ने एक टाट्रा ट्रक के लिए 88,000 यूरो (यानी 50 लाख रुपये) का यह आदेश सिपॉक्स को मई महीने में दिया था। भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि डीआरडीओ को टाट्रा ट्रक की आपूर्ति नहीं होगी। यह फैसला कर लिया गया है। इस बारे में बस आदेश जारी होने की देरी है। मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के प्रवक्ता से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। ध्यान रहे कि भारतीय सैन्य बलों को टाट्रा ट्रक की आपूर्ति को लेकर बीईएमएल और ब्रिटिश कंपनी टाट्रा सिपॉक्स के बीच का सौदा पूर्व सेना प्रमुख जनरल सिंह के आरोपों के बाद सुर्खियों में आया। जनरल सिंह ने आरोप लगाया था कि छह सौ से अधिक टाट्रा ट्रकों की खरीद से जुड़ी फाइल को मंजूरी देने के एवज में उन्हें 14 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश हुई है। इस आरोप के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 27 मार्च को सीबीआइ जांच का आदेश दे दिया। बीईएमएल के सीएमडी वीआरएस नटराजन की पद से छुट्टी कर दी गई। मिसाइल और अन्य भारी हथियारों को ढोने में इस्तेमाल होने वाले करीब छह हजार टाट्रा ट्रकों की अब तक सेना में आपूर्ति की गई है।


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