Monday, September 24, 2012

1993 तक जाएगी कोयला घोटाले की जांच




ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआइ ने वर्ष 1993 से 2009 के बीच आवंटित सभी कोयला ब्लाकों की जांच-पड़ताल करने का फैसला किया है। सीबीआइ ने सोमवार को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) का पत्र मिलने के बाद यह निर्णय लिया। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने पिछले हफ्ते ही सीवीसी को पत्र लिखकर 1993 के बाद आवंटित सभी कोयला ब्लाकों की जांच करवाने की गुजारिश की थी। इसमें राजग सरकार के कार्यकाल में आवंटित कोयला ब्लाक भी शामिल हैं। दैनिक जागरण ने इस संबंध में गत 21 सितंबर को ही खबर प्रकाशित कर दी थी। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि उसे जांच का दायरा 1993 तक बढ़ाने के सीबीआइ के फैसले पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन यह कोयला घोटाले की जांच को लटकाने का प्रयास है। सीबीआइ अभी 2004 से 2009 के बीच निजी कंपनियों को आवंटित 64 ब्लाकों के आवंटन में गड़बडि़यों की जांच कर रही थी। इस संदर्भ में सात कंपनियों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज की जा चुकी है। लेकिन, अब वह 1993 से 2009 के बीच आवंटित किए गए कुल 218 कोयला ब्लाक की जांच-पड़ताल करेगी। जानकारों के मुताबिक सीबीआइ अब कोयला ब्लाक आवंटन में खास तौर पर राज्य सरकारों की भूमिका की जांच करेगी। कई राज्यों ने कोयला ब्लाक हासिल करने के बाद उसके विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ गठबंधन कर लिया था। सांसद संदीप दीक्षित की अगुआई में कांग्रेसी सांसदों का एक दल काफी समय से इसकी मांग कर रहा था। सीबीआइ जांच का असर उन कंपनियों पर काफी प्रतिकूल पड़ेगा जिन्होंने इन ब्लाक के आधार पर बड़ा निवेश कर रखा है या कारखाने लगा रखे हैं। इस बारे में जब दैनिक जागरण ने कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल से पूछा तो उनका जवाब था, अगर गलत हुआ है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए। लेकिन, जिन कंपनियों ने सही तरीके से कोयला ब्लाक हासिल किए हैं उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं। 1993 में तत्कालीन नरसिम्हा राव सरकार ने स्टील, बिजली और सीमेंट क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कोयला खनन राष्ट्रीयकरण एक्ट में संशोधन कर कोयला ब्लाकों का आवंटन शुरू किया था। नरसिम्हा राव सरकार (1991-1996) के साथ ही अब एचडी देवेगौड़ा (1996-97), इंद्र कुमार गुजराल (1997-98), अटल बिहारी वाजपेयी (1998 से 2004) और मनमोहन सरकार (2004 से संप्रग-एक व दो) द्वारा किए गए कोयला ब्लाक आवंटन जांच के दायरे में होंगे।

दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 1 , 25-09-2012 Hkz”Vkpkj

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