Monday, September 24, 2012

1993 से कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच करेगी सीबीआई


राजग कार्यकाल तक पहुंची जांच की आंच



नई दिल्ली (एसएनबी)। केंद्रीय सतर्कता आयोग से संदर्भ प्राप्त करने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलगेटकी जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है । जांच एजेंसी ने साल 1993 के बाद हुए कोयले के ब्लॉकों के सभी आवंटनों की जांच करने का फैसला किया है । सीबीआई जिन मामलों की जांच करेगी उनमें राजग शासनकाल के दौरान आवंटित कोयले के ब्लॉकों के मामले भी होंगे । कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने केंद्रीय सतर्कता आयोग को पत्र लिखकर मांग की थी कि साल 1993 से आवंटित कोयले के सभी ब्लॉकों के मामलों की सीबीआई से जांच करायी जाए । गौरतलब है कि सरकार ने 1993 से ही निजी क्षेत्र को कोयले के ब्लॉकों का आवंटन शुरू किया था । सीबीआई जांच की मांग करते हुए जायसवाल ने हाल में सात सांसदों की ओर से लिखे गए पत्र को भी सीवीसी के पास यह कहते हुए भेजा था कि 1993 से 2004 के बीच उन आवंटनों की भी जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिए जो राजग शासनकाल के दौरान हुए थे । सांसदों के पत्र में भारत सरकार की ओर से तय उस व्यवस्था की भी जांच की मांग की गयी जिसके तहत 1993 से 2004 के बीच कोयले के ब्लॉकों के आवंटन के लिए कंपनियों का चयन किया गया । पत्र में इस बात की भी जांच करने को कहा गया कि क्या सरकार की ओर से तय की गयी व्यवस्था का पालन किया गया और संयुक्त उपक्र मों के साझेदारों को किस तरह से चुना गया । सीवीसी ने सभी शिकायतें सोमवार को सीबीआई के पास भेज दिया ताकि वह मामले की जांच कर सके । जांच एजेंसी जल्द ही मामले (शेष पेज 2)
सीवीसी के कहने पर सीबीआई जल्द शुरू करेगी जांच कोयला मंत्री ने लिखा था सीवीसी को इस बारे में पत्र
निजी कंपनियों को खदानों का आवंटन होगा रद्द -पेज 09

राष्ट्रीय  सहारा  दिल्ली संस्करण पेज 1, 25-9-2012 Hkz”Vkpkj

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