कांग्रेस और भाजपा दोनों को घेरने में जुटे अन्ना के साथी, बनाया सिटिजन फोरम
अजय तिवारी/एसएनबी नई दिल्ली। कोयला घोटाले से अभी कांग्रेस और भाजपा उबर नहीं पाए हैं कि अन्ना हजारे के साथी गोवा में हुए खदान घोटाले पर इन दोनों दलों को घेरने की तैयार कर रहे हैं। इसके लिए अन्ना के साथियों ने गोवा में सोमवार को सिटिजन फोरम नाम से एक संगठन भी खड़ा किया है। सिटिजन फोरम का कहना है कि गोवा में चलने वाली सारी खदानें अवैध हैं। अब तक अवैध खनन के नाम पर 35 हजार करोड़ रुपये की लूट हुई है। इनमें ज्यादातर खदानें लौह अयस्क की हैं और कुछ खदानें बॉक्साइट और मैगनीज की हैं। अन्ना के सहयोगी दिनेश वाघेला ने गोवा के कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ मिलकर सिटिजन फोरम खड़ा किया है। वाघेला दो दिन पहले रालेगण सिद्धी जाकर अन्ना से मिले थे पर वह यह नहीं बता रहे हैं कि क्या अन्ना से गोवा के खदान घोटाले पर बात हुई है अथवा नहीं। गोवा का सिटिजन फोरम यह मांग कर रहा है कि सारी खदानों को रद्द किया जाए। सिटिजन फोरम अवैध खनन पर आई शाह आयोग की रिपोर्ट का हवाला दे रहा है जिसे संसद पिछले सत्र के अंतिम दिनों में हंगामे की बीच रखा गया था। संसद में इस रिपोर्ट पर किसी ने ध्यान नहीं दिया लेकिन अन्ना के साथी इस रिपोर्ट के बहाने गोवा के मौजूदा भाजपा मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर और पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत समेत बड़ी तादाद में राजनेताओं को घेरने की फिराक में हैं। दिनेश वाघेला ने गोवा से फोन पर राष्ट्रीय सहारा से कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के मुख्यमंत्री राज्य में अवैध खनन के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि गोवा में अभी भी 140 से ज्यादा अवैध खदानें चल रही हैं और सिटिजन फोरम उन्हें नहीं चलने देगा। वाघेला ने कहा कि गोवा में चलने वाले खदानें या तो पर्यावरण की दृष्टि से अवैध हैं या फिर खनन कानून के तहत अवैध हैं। उन्होंने कहा कि तमाम खदानें वह हैं जिनकी अवधि ही समाप्त हो चुकी है पर खनन जारी है। वाघेला का कहना है कि शाह आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि गोवा में राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत से अवैध खनन चल रहा है। अन्ना के साथी ने कहा कि जब शाह आयोग ऐसा कहता है तो वह अकेले कांग्रेस को नहीं भाजपा को भी जिम्मेदार ठहराता है, मौजूदा मुख्यमंत्री पारिकर पहले भी मुख्यमंत्री रहे हैं और वह तब की ही बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर सिटिजन फोरम राजनेताओं,अफसरों और खदान मालिकों के चेहरे जल्द उजागर करेगा।
गोवा में चलने वाली सभी खदानें अवैध हैं। अब तक अवैध खनन के नाम पर 35 हजार करोड़ रुपये की लूट हुई है : सिटिजन फोरम

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