Monday, September 19, 2011
टीम अन्ना से बदसलूकी
नई दिल्ली बाराखंभा थाना पुलिस ने शुक्रवार को टीम अन्ना के दो सदस्यों प्रवीण कुमार व मनोज यादव को इसलिए पकड़ लिया क्योंकि वे काला कुर्ता पहने थे और दाढ़ी बढ़ा रखी थी। दोनों को थाने लाकर सात घंटे तक बैठाए रखा गया। कुछ भी बोलने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। टीम के कई वरिष्ठ सदस्यों के पहुंचने पर जब मामला भारी पड़ गया तब थानाध्यक्ष हाथ जोड़ मांफी मांगने लगे। टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया व अरविंद गौड़ ने इसकी लिखित शिकायत एडिशनल पुलिस कमिश्नर केसी द्विवेदी से लेकर पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता से की है। वे इस मामले को मानवाधिकार आयोग में भी ले जाएंगे। दोनों युवक अस्मिता थियेटर के हैं। इंडिया अगेंस्ट करप्शन कोर कमेटी के सदस्य अरविंद गौड़ अस्मिता थियेटर ग्रुप के डायरेक्टर हैं। थियेटर के कलाकर जगह-जगह अन्ना के समर्थन में नुक्कड़ नाटक कर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार की दोपहर थियेटर के कुछ कलाकर वसंत वैली स्कूल में नुक्कड़ नाटक कर रहे थे। नाटक समाप्त होने के बाद प्रवीण व मनोज फार्म खरीदने कनॉट प्लेस आए थे। दोनों काले रंग का कुर्ता पहन रखा था व दाढ़ी बढ़ा रखी थी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कुछ पुलिस कर्मी दोनों के पास आए और कहा कि उन्होंने काला कुर्ता क्यों पहन रखा है। उन्हें उन पर शक है। दोनों ने अपना परिचय देते हुए परिचय पत्र भी दिखाया और पुलिस कर्मियों की अरविंद गौड़ से बात भी करवा दी। फिर भी वे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले आए। कुछ ही देर में अरविंद गौड़ समेत थियेटर के कई कलाकर थाने पहुंच गए। उस समय थानाध्यक्ष अमरदीप सहगल थाने में नहीं थे। थाने में मौजूद सब इंस्पेक्टर से टीम के अन्ना के सदस्यों ने बात करनी चाही। किंतु कोई उनसे बात करने को तैयार नहीं हुए। रात नौ बजे जब थानाध्यक्ष थाने आए तो वह भी टीम अन्ना की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। तब तक मनीष सिसौदिया भी आ गए। मामला जब आला अधिकायिों के पास पहुंचा तो रात साढ़े दस बजे दोनों को छोड़ दिया गया। केसी द्विवेदी ने बताया कि वह मामले की जांच करवा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों का अपनी सफाई में कहना है कि आतंकी हमलों के खतरे के चलते किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या परिस्थिति की वे पूरी तरह से गहन छानबीन करते हैं। ऐसा न करने पर उन पर ही लापरवाही बरतने के भी आक्षेप लगते हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस के आला अफसर इस मामले को किसी तरह भी आगे नहीं बढ़ने देना चाहते ताकि अन्ना समर्थकों के पक्ष में लोगों को रोष न बढ़े
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