Friday, September 2, 2011
केजरीवाल को इस्तीफे की मंजूरी का इंतजार
नई दिल्ली अन्ना हजारे के करीबी सहयोगी अरविंद केजरीवाल के भारतीय राजस्व सेवा (आइआरएस) से वर्ष 2006 में दिए गए इस्तीफे को केंद्र सरकार ने अब तक मंजूरी नहीं दी है। सेवा शर्तो के मुताबिक केंद्र सरकार ने उन्हें समय से पहले नौकरी छोड़ने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की थी। केजरीवाल ने इससे छूट के लिए आवेदन किया था। इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। सरकार से सीधे टकराव के बाद केंद्र सरकार का कार्मिक विभाग (डीओपीटी) अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे का मामला फिर से खोल सकता है। राजस्व सेवा के अधिकारी के तौर पर केजरीवाल ने वर्ष 2000 में दो साल का अध्ययन अवकाश लिया था। इस दौरान केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक उन्हें वेतन दिया गया था। इस अवधि के बाद उन्होंने दो साल का बिना वेतन का अध्ययन अवकाश भी लिया। सेवा शर्तो के मुताबिक छुट्टी से लौटने के बाद कम से कम तीन साल नौकरी में रहना जरूरी था। मगर केजरीवाल ने इससे पहले ही 2006 में इस्तीफा दे दिया। ऐसे में डीओपीटी ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग जारी की। बदले में केजरीवाल ने आवेदन किया कि उनके पास इतनी रकम नहीं है इसलिए उन्हें इससे छूट दे दी जाए। मगर अब तक डीओपीटी ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। केजरीवाल का कहना है कि डीओपीटी को जल्द से जल्द उनके आवेदन पर अपना फैसला देना चाहिए। उनका कहना है कि वे अपने खिलाफ आने वाले फैसले के लिए भी तैयार हैं। हालांकि इस्तीफे के तुरंत बाद उन्हें इससे बड़ी रकम मैगसायसे पुरस्कार के तौर पर मिली थी। मगर इस रकम को उन्होंने एक ट्रस्ट बना कर पूरी तरह समाज सेवा के काम में लगा दिया था।
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