Friday, September 16, 2011

लालू-अमर-मनीष भी लोकपाल समिति में

नई दिल्ली सरकार ने घोटाले में जेल गए सांसदों सुरेश कलमाड़ी और कनीमोरी को इस बार किसी संसदीय समिति में जगह नहीं दी है। जबकि कैश फॉर वोट मामले में तिहाड़ की हवा खा आए अमर सिंह को लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए पुन: गठित कानून मामलों की संसदीय समिति में जगह मिली है। टीम अन्ना को चिढ़ाने वाले दो और नाम भी संसदीय समिति में हैं। अन्ना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी और चारा घोटाले में आरोपी लालू प्रसाद यादव को संसदीय समिति में बरकरार रखा गया है। सरकार ने लोकपाल बिल पर चर्चा की दृष्टि से बेहद हाईप्रोफाइल हो गई कार्मिक, जन शिकायतों और कानून मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष एक बार फिर अभिषेक मनु सिंघवी को मनोनीत किया है। रामलीला मैदान से टीम अन्ना ने इस समिति में अमर सिंह और लालू यादव के होने पर तीखे सवाल उठाए थे। इसी तरह मनीष तिवारी ने खुद को ही इस पैनल से हटाए जाने के लिए लिखा था। अमर सिंह पहले सपा कोटे से थे। ऐसे में माना जा रहा था कि अमर सिंह को इसमें जगह नहीं मिलेगी। फिर भी अमर सिंह को सख्त लोकपाल बनाने वाली समिति में सरकार ने जगह दी। वहीं, कॉमनवेल्थ और 2जी मामले में जेल में बंद सुरेश कलमाड़ी और द्रमुक सांसद कनीमोरी को सरकार ने किसी भी संसदीय समिति में जगह नहीं दी है। अमर सिंह को संसदीय समिति में जगह देने पर सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि हर सांसद को किसी एक समिति में रहने का अधिकार है। अमर सिंह ने इसी समिति में रहने की इच्छा जताई तो उन्हें जगह दे दी गई। टीम अन्ना की आपत्ति पर उन्होंने तल्खी से कहा कि सब काम संसदीय प्रक्रिया से हो रहा है। सरकार को कोई डिक्टेट नहीं कर सकता। इसी तरह मनीष और लालू को भी इस टीम में शामिल कर सरकार ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। संसदीय समिति में सिंघवी के अलावा राम जेठमलानी, कीर्ति आजाद, एनएसवी चिट्टन, दीपा दासमुंशी, डीपी चंद्रे गौड़ा, शैलेंद्र कुमार, चंद्रेश कुमारी, प्रसांत कुमार मजूमदार, अर्जुन राम मेघवाल, पिनाकी मिश्रा, मीनाक्षी नटराजन, हरिन पाठक, लालू प्रसाद यादव, ए. संपथ, सेम्मालाइ, विजय बहादुर सिंह, प्रभा किशोर तवियाड, मनीष तिवारी, पी.टी. थॉमस, अरुण यादव, मधुसूदन यादव, बाल आप्टे, ओ.टी. लेपचा, भालचंद्र मुंगेकर, शांताराम नाइक. परिमल नाथवानी, राम विलास पासवान सुखेंदु शेखर राय और अमर सिंह को जगह मिली है

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