Friday, September 16, 2011
खाद्यान्न योजनाओं में गड़बड़ी की पड़ताल करेंगे बड़े अफसर
खाद्यान्न योजनाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए खाद्य विभाग के बड़े अफसर फील्ड में उतरेंगे। हर मंडल के लिए अफसरों की टीम का गठन किया गया है, जो रैंडम आधार पर राशन दुकानों, मिट्टी के तेल के थोक विक्रेताओं और गल्ला गोदामों की जांच करेगी। जांच में देखा जाएगा कि अगर क्षेत्रीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को सही से निभा नहीं रहे हैं तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? माह में शनिवार व रविवार को होने वाली इस जांच के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। शासन ने यह कदम विभिन्न जिलों में खाद्यान्न वितरण में गड़बडि़यों की शिकायतें मिलने पर उठाया है। खाद्य आयुक्त संतोष कुमार यादव मानते हैं कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही जांचों में भी खाद्यान्न की कालाबाजारी, डायवर्जन और दुरुपयोग के मामले जानकारी में लाए जा रहे हैं। ऐसे में विभाग के बड़े अफसरों को क्रास चेकिंग के लिए फील्ड में भेजना जरूरी हो गया है। हर मंडल के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जिनमें संभागीय खाद्य नियंत्रक, खाद्य उपायुक्त, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी के अलावा दूसरे मंडल के वरिष्ठ संभागीय लेखाधिकारी को भी शामिल किया गया है। इन अधिकारियों को कहा गया है कि वह माह के शेष बचे शनिवार व रविवार को अपने मंडलों के जिलों में खाद्यान्न योजनाओं की पड़ताल करें। अधिकारियों को अपनी जांच रिपोर्ट आगामी 27 सितम्बर को खाद्य आयुक्त को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान गांव के कम से कम दस राशन दुकानों की जांच की जाएगी। जांच में विशेष रुप से बीपीएल और अंत्योदय योजना की धरातली स्थिति को देखा जाएगा। इसके अलावा राशन दुकानदार द्वारा गल्ला गोदामों से खाद्यान्न की उठान में रोस्टर का पालन और वितरण की स्थिति, थोक विक्रेता के यहां से मिट्टी के तेल की उठान में रोस्टर का पालन और वितरण की स्थिति, राशन दुकानदार को निर्धारित मूल्य और मात्रा में आवश्यक वस्तुओं की प्राप्ति का सत्यापन, खाद्यान्न और मिट्टी के तेल के गोदाम पर अनाधिकृत वसूली की शिकायतों की जांच, पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों के दायित्वों के निर्वहन की पड़ताल एवं दायित्वों का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति की जांच की जाएगी
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