Thursday, September 15, 2011

जनार्दन के भाई करुणाकर पर भी कसेगा शिकंजा

अवैध खनन मामले में माइनिंग किंग कहे जाने वाले रेड्डी बंधुओं में से एक जनार्दन रेड्डी की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने उनके बड़े भाई जी करुणाकर रेड्डी को शुक्रवार पूछताछ के लिए बुलाया है। आशंका जताई जा रही है कि सीबीआइ उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। उधर लौह अयस्कों की लूट के खेल में रेड्डी बंधुओं की मदद करने वाले कई पूर्व खनन अधिकारी भी सीबीआइ के राडार में आ गए हैं। जांच एजेंसी ने बृहस्पतिवार को पूर्व खनन निदेशक वीडी राजगोपाल के घर पर छापा मारा और उनसे रेड्डी बंधुओं की ओबलापुरम माइनिंग कंपनी को कर्नाटक की सीमा से लगे जिले अनंतपुरम में खनन की अनुमति देने के बारे में घंटों पूछताछ की। खनन और वन विभाग के दो पूर्व सचिवों को भी जल्द ही गिरफ्त में लिया जा सकता है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने ओएमसी को अवैध तरीके से खनन करने, उसे आंध्रप्रदेश लाने और जंगल में सड़क बनाने के काम में मदद की। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को मामले में अहम गवाह माने जा रहे और खनन व्यवसायी तापस गणेश का बयान रिकॉर्ड किया। गणेश ने ही शिकायत की थी कि रेड्डी बंधु की कंपनी ओएमसी, उसे लीज पर मिले खनन क्षेत्र में अवैध तरीके से लौह अयस्क की खुदाई कर रही है।उधर जनार्दन रेड्डी और उनके साले श्र्रीनिवास रेड्डी से कोटी स्थित कार्यालय पर सीबीआइ की पूछताछ तीसरे दिन भी जारी रही। जांच एजेंसी खनन इलाकों की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों के आधार पर दोनों से अहम जानकारी पाने की कोशिश कर रही है। सीबीआइ दोनों से यह उगलवाने में जुटी है कि अवैध खनन में सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक तत्वों की किस स्तर तक मिलीभगत थी। माना जा रहा है कि 19 सितंबर को पेशी के दौरान सीबीआइ अदालत से उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करेगी। सीबीआइ और ज्यादा सबूत इकट्ठा करने के लिए जनार्दन और श्र्रीनिवास को अनंतपुर या कर्नाटक के बेल्लारी जिले के खनन इलाकों में ले जा सकती है। गौरतलब है कि जनार्दन रेड्डी और श्र्रीनिवास को सीबीआइ ने 5 सितंबर को कर्नाटक से गिरफ्तार किया था और उन्हें हैदराबाद स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने मंगलवार को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर 19 सितंबर तक सीबीआइ की हिरासत में सौंप दिया था

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