Wednesday, September 14, 2011

रेड्डी को जमानत नहीं, सीबीआइ रिमांड पर

बीवी शिव शंकर, हैदराबाद आंध्र प्रदेश में अवैध खनन के आरोप में गिरफ्तार कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी और उनके साले श्रीनिवास रेड्डी की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। विशेष अदालत ने मंगलवार को कर्नाटक भाजपा के प्रभावशाली नेता को पूछताछ के लिए 19 सितंबर तक सीबीआइ की हिरासत में भेज दिया। इससे कुछ भाजपा नेताओं की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। संकेत मिले हैं कि जांच एजेंसी रेड्डी के बयान के आधार पर कुछ भाजपा नेताओं पर भी मामला बना सकती है। ओबलापुरम खनन कंपनी (ओएमसी) के मालिक जनार्दन रेड्डी के अवैध खनन कारोबार से फायदा पाने वालों में हालांकि अन्य दलों के नेता भी शामिल हैं। लेकिन माना जाता है कि रेड्डी ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह को बड़ी भेंट चढ़ाईं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा और बेंगूलर (दक्षिण) से सांसद अनंत कुमार भी रेड्डी से फायदा पाने वालों में शामिल हैं। सीबीआइ के संयुक्त निदेशक (हैदराबाद क्षेत्र) वीवी लक्ष्मी नारायण ने मंगलवार को यहां कहा कि अवैध खनन के इस मामले में एजेंसी अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ने पर अदालत से रेड्डी की रिमांड बढ़वाने की अपील भी की जाएगी। रेड्डी की कंपनी पर कर्नाटक की सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के वनक्षेत्र में अवैध खनन का आरोप है। सीबीआइ ने गत 5 सितंबर को ओएमसी के निदेशक जनार्दन रेड्डी और उनके साले व ओएमसी के प्रबंध निदेशक श्रीनिवास को कर्नाटक के बेल्लारी स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था। अदालत से रिमांड मिलते ही सीबीआइ अधिकारियों ने दोनों से हैदराबाद के एक गेस्ट हाउस में पूछताछ शुरू कर दी। रेड्डी से इस पूछताछ के बीच सुषमा स्वराज की सिंगापुर यात्रा सवालों के घेरे में आ गई है। सीबीआइ को ऐसे सुबूत मिले हैं कि सिंगापुर और हांगकांग में भी रेड्डी की कंपनियां हैं। भाजपा नेताओं का हालांकि कहना है कि सुषमा की सिंगापुर यात्रा का रेड्डी के खिलाफ मामले से कोई संबंध नहीं है। सुषमा वहां एक सेमिनार में हिस्सा लेने गई हैं। अनंत कुमार भी उनके साथ गए हैं

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