Friday, September 2, 2011

लोकपाल वाली स्थायी समिति से मनीष बाहर

नई दिल्ली अन्ना हजारे पर सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में सने होने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद मनीष तिवारी लोकपाल विधेयक पर चर्चा करने वाली संसद की स्थायी समिति से बाहर हो गए हैं। हालांकि उन्होंने स्वेच्छा से इस समिति से बाहर रहने की घोषणा की, लेकिन माना जा रहा है कि यह अन्ना के दबाव का असर है। लगता है कि मनीष तिवारी के माफी मांगने के बावजूद अन्ना उन्हें माफ करने के लिए तैयार नहीं। अन्ना ने मंगलवार को अस्पताल में गुलदस्ता भेंट करने आए प्रधानमंत्री के दूत से साफ कह दिया था कि मेरा उन्हें थैंक्यू बोलना और साथ ही उन्हें बता दीजिएगा कि स्थायी समिति में मनीष तिवारी और लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी मुझे मंजूर नहीं। बाद में अन्ना की टीम के दो सदस्य उनकी इस आपत्ति को लेकर देर शाम स्थायी समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी से भी मिले थे। उन्होंने बाद में अस्पताल लौटकर अन्ना को वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। बुधवार को मनीष तिवारी ने खुद ही इस समिति से बाहर रहने की इच्छा जता दी। मनीष तिवारी के मुताबिक वह नहीं चाहते कि लोकपाल पर कोई विवाद खड़ा हो। सपा के पूर्व नेता अमर सिंह भी इस समिति से अलग कर दिए गए हैं। सपा ने अभी तक उनके स्थान पर किसी नाम की घोषणा नहीं की है, जबकि भाजपा ने अपने कोटे से ज्योति धुर्वे और देवजी एम पटेल की जगह कीर्ति आजाद और अर्जुन राम मेघवाल के रूप में दो मुखर सदस्यों को इस समिति में शामिल कर दिया है। भाजपा के दो और लोकसभा सदस्य हरेन पाठक और डीबी चंदे्रगौड़ा भी इस समिति में शामिल हैं। इसके अलावा राज्यसभा के भाजपा सदस्य राम जेठमलानी और बाल आप्टे भी इस समिति का हिस्सा हैं। करीब एक साल का कार्यकाल पूरा करने वाली यह समिति नए सिरे से गठित की जानी है और इस दौरान कुछ और बदलाव हो सकते हैं। ज्ञात हो कि लोकपाल विधेयक की बाबत अब सबकी नजरें कार्मिक, जनशिकायत व कानून मंत्रालय की स्थायी समिति पर टिकी हैं। इसी महीने की सात तारीख को समिति की बैठक है। मनीष तिवारी की स्वैच्छिक घोषणा के संदर्भ में माना जा रहा है कि उन पर ऐसा करने का दबाव था। दरअसल अन्ना पर आरोप लगाने के बाद से वह हर किसी के निशाने पर थे। ऐसे में उनका समिति में रहना गलत संकेत दे सकता था। 31 सदस्यीय इस समिति में सपा, जदयू और कांग्रेस के कुछ सदस्यों के लिए अभी स्थान रिक्त हैं। इस समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में लालू यादव और रामविलास पासवान भी हैं

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