नई दिल्ली 2जी मामले में राजस्व को हानि न होने की कथित ट्राई रिपोर्ट का मामला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भी उठा। कोर्ट ने रिपोर्ट देखने की इच्छा जताई और सीबीआइ से उसके बारे में पूछा। हालांकि सीबीआइ की दलील थी कि वह सार्वजनिक दस्तावेज नहीं है। सोमवार को यूनीटेक के मालिक संजय चंद्रा की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान चंद्रा के वकील राम जेठमलानी ने 2जी घोटाले में राजस्व को हानि न होने की मीडिया में आयी कथित ट्राई रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि जब ट्राई मान रहा है कि राजस्व को हानि नहीं हुई तो फिर उनके मुवक्किल को इतने दिन से जेल में क्यों रखा गया है। जेठ मलानी की दलीलों पर मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी व न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की पीठ ने सीबीआइ से उस रिपोर्ट के बारे में पूछा। सीबीआइ की ओर से पेश एडीशनल सॉलिसिटर जनरल एचपी रावल ने कहा कि वह अंतरविभागीय रिपोर्ट है और उस पर ट्राई से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक दस्तावेज नही है। पीठ ने कहा कि जब रिपोर्ट मीडिया को मिल सकती है तो फिर कोर्ट में क्यों नहीं पेश की जा सकती। रावल ने कहा कि वे सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट कोर्ट को दे सकते हैं। पीठ ने कहा कि वे देखना चाहते हैं कि रिपोर्ट में क्या कहा गया है। दूसरी जेठमलानी ने चंद्रा की जमानत की अपील करते हुए कहा कि जमानत देना एक नियम है और जमानत से इनकार करना अपवाद में आता है। जमानत पर बहस मंगलवार को भी जारी रहेगी।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment