Monday, September 19, 2011
भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर हमलावर हुई कांग्रेस
कांग्रेसनीत केंद्र सरकार खुद जिस भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर परेशानियों के दौर से गुजर रही है, उसी मुद्दे को लेकर गुजरात कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं। मोदी के उपवास के खिलाफ यहां गांधी आश्रम पर सत्याग्रह कर रहे शंकर सिंह वाघेला और अर्जुन मोढवाडिया ने प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा बताया है। प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला और प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया लंबे समय से मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। हाल ही में राज्यपाल डॉ. कमला की ओर न्यायमूर्ति आरए मेहता को लोकायुक्त नियुक्त किए जाने के बाद तो गुजरात की राजनीति में भूचाल आ गया। गुजरात कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सबसे पहले एक लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिससे सरकार पसोपेश में है। इसी बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में राज्य सरकार के साढे़ छब्बीस हजार करोड़ रुपये के खर्चो पर सवाल उठा दिए हैं। फिलहाल कांग्रेस के निशाने पर मोदी का हाईटेक उपवास है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार गरीब जनता के धन के बूते फाइव स्टार उपवास कर रही है। वाघेला का कहना है कि मोदी खुद की छवि निखारने को सरकारी धन बर्बाद कर रहे हैं। तीस लाख रुपये का वातानुकूलित हॉल, चार सौ रुपये की खाने की प्लेट और अतिविशिष्ट मेहमानों के आने-जाने के लिए विशेष चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था, यह खर्च कौन उठाएगा? पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता ने तो बाकायदा मुख्य सचिव एके जोति को पत्र लिखकर कहा है कि सरकारी नियमों के मुताबिक इस प्रकार के उत्सव का खर्च सरकार वहन नहीं कर सकती। प्रशासन आखिर इस खर्च को किस मद में डालने की तैयारी कर रहा है। मोढवाडिया ने सवाल उठाया है कि गुजरात पर एक लाख 33 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। पैदा होते ही एक बच्चे पर 25 हजार रुपये का कर्ज चढ़ जाता है, लेकिन सरकार को परवाह ही नहीं है। दिनशा पटेल ने जड़े आरोप अहमदाबाद : केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल ने आरोप लगाया है कि गुजरात सचिवालय के दरवाजे आम आदमी के लिए बंद हैं। पैसे देने पर ही यह दरवाजे खुलते हैं, लेकिन अब तीन दिन के लिए तो सरकार और सचिवालय को ही ताला लग गया है। पूरी सरकार और प्रशासन मुख्यमंत्री मोदी की सेवा में खड़ा है। दिनशा का कहना है कि राज्य में असत्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस के सत्य की लड़ाई है, जिसमें सत्य की ही जीत होगी। एचआइवी पीडि़त बच्चों ने सुनाई वाघेला को व्यथा जूनागढ़ के सरकारी अस्पताल की लापरवाही के कारण गत दिनों तीस थैलेसीमिया पीडि़त बच्चों को एचआइवी संक्रमित खून चढ़ा देने से उनके संक्रमित हो जाने का खुलासा हुआ था। जूनागढ़ महापौर कैप्टन सतीश और उपमहापौर गिरीश कोटेचा के साथ रविवार को 12 एचआइवी संक्रमित बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने कांग्रेस के सत्याग्रह में आकर अपनी व्यथा सुनाई। अल्फाज गामिति तथा धर्मेश मावाणी ने बताया कि अस्पताल हमारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। सरकार कोई मदद नहीं कर रही है जिसके कारण उनका जीवन खतरे में है। अस्पताल प्रशासन ने उलटा हम पर दोष मंढ दिया है कि आपने बाहर से संक्रमित खून चढ़वा लिया होगा। उधर, आसाराम बापू के आश्रम में संदिग्ध हालत में मृत पाए गए दीपेश -अभिषेक के परिजनों ने भी कांग्रेस के साथ सत्याग्रह पर बैठे हैं
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