Monday, September 26, 2011
चिदंबरम की गवाही से खुलेगी सच्चाई
जागरण संवाददाता 2जी घोटाले के आरोपी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने पटियाला हाउस की विशेष कोर्ट में एक बार फिर मांग की है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की सच्चाई जानने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री और मौजूदा गृह मंत्री पी. चिदंबरम को गवाह के तौर बुलाया जाए तभी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने विशेष कोर्ट से अनुरोध किया कि चिदंबरम को इसके लिए समन जारी किया जाए। विशेष जज ओपी सैनी की कोर्ट में राजा की ओर से वरिष्ठ वकील सुशील कुमार ने कहा कि सीबीआइ को कैबिनेट की एक बैठक के संदर्भ में चिदंबरम का बयान दर्ज करना चाहिए जिसमें उन्होंने शेयरों को कम करने के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की थी। उनका तर्क था कि चिदंबरम से यह पूछा जाना चाहिए कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री की मौजूदगी में शेयरों को कम करने के मुद्दे पर सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि अपराध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के तहत चिदंबरम से गवाह के तौर पर पूछताछ करनी चाहिए। पीएम से हो सकती है पूछताछ संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जरूरत पड़ने पर समिति प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से भी पूछताछ कर सकती है। उदयपुर, माउंट आबू की यात्रा पर आए डॉ. जोशी ने कहा कि इस घोटाले में जो कुछ हुआ वह प्रधानमंत्री की जानकारी में हुआ। जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री इस मामले में लगातार गुमराह क्यों होते रहे, यह समझ से परे है। मनमोहन को भी जांच के दायरे में लाने की मांग 2जी मामले में गृहमंत्री पी. चिदंबरम की बर्खास्तगी के लिए दबाब बना रही भाजपा ने प्रधानमंत्री को भी जांच के दायरे लाने की मांग की है। पार्टी महासचिव व प्रवक्ता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि जिस तरह से जेल में बंद पूर्व मंत्री ए. राजा के वकील ने अदालत में प्रधानमंत्री व गृह मंत्री को बुलाने की मांग की है, उससे स्पष्ट है कि संप्रग केवल भ्रष्टाचार का गठबंधन बन कर रह गया है। यूपीए के सहयोगी दलों के मंत्री ही नहीं, बल्कि कांग्रेस भी इस घोटाले में पूरी तरह से शामिल है
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