Wednesday, September 7, 2011

बदले की भावना से बाज आए केंद्ररालेगण सिद्धि

जनलोकपाल के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन खड़ा कर देने वाले अन्ना हजारे ने अपनी टीम के सदस्यों को विशेषाधिकार हनन और आयकर बकाए का नोटिस भेजे जाने को केंद्र सरकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करार दिया है। अन्ना ने खुली चेतावनी देते हुए कहा, सरकार बदले की भावना से बाज आए। समाज के सदस्यों को अनावश्यक प्रताडि़त करने से देश में अशांति पैदा हो सकती है। अन्ना हजारे ने रविवार को रालेगण सिद्धि में पद्मावती मंदिर स्थित अपने कक्ष के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा, सरकार समाज के सदस्यों अरविंद केजरीवाल, किरणबेदी व प्रशांत भूषण के खिलाफ प्रतिशोधात्मक रवैया अपना रही है। अरविंद को सिविल सेवा छोड़ने व जन लोकपाल के मुद्दे पर देशव्यापी जनांदोलन शुरू करने के बाद कथित तौर पर आयकर का भुगतान न करने का नोटिस दिया जाना गलत है। देश इस नोटिस के कारण को जानता है। उन्होंने कहा, सरकार को जन लोकपाल पर हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन के बाद गलत संदेश देने की बजाय निश्चित तौर पर लोगों के दिलों में विश्वास पैदा करने और खाई को पाटने की कोशिश करनी चाहिए। 74 वर्षीय हजारे ने चेतावनी देते हुए कहा, समाज के अन्य सदस्यों को प्रताडि़त करने का प्रयास सरकार की भावना और मंशा के बारे में सवाल पैदा करेगा। इससे समाज में अशांति पैदा होगी। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह प्रतिशोधात्मक रवैया छोड़े और भारत को महाशक्ति बनाने के लिए भारतीयों को एकजुट करे। उल्लेखनीय है कि किरण बेदी के बाद हजारे पक्ष के दो अन्य सदस्यों प्रशांत भूषण और आरटीआइ कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल को शनिवार को सांसदों के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया था। इससे पहले दिल्ली के मुख्य आयकर आयुक्त ने पांच अगस्त को केजरीवाल को 9.27 लाख रुपए की आयकर की बकाया राशि का भुगतान करने का नोटिस जारी किया था।


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