Monday, September 26, 2011
दयानिधि मारन के खिलाफ सीबीआइ ने कसा शिकंजा
नई दिल्ली एयरसेल को बेचने के लिए दबाव बनाने के आरोप में पहले से ही सीबीआइ जांच का सामना कर रहे पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मारन पर आरोप है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जेल में बंद ए. राजा के ठीक पहले संचार मंत्री रहते हुए उन्होंने चेन्नई स्थित अपने घर में323 टेलीफोन लगवाकर बीएसएनएल को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। इस मामले में सीबीआइ प्रारंभिक जांच का केस दर्ज करने की तैयारी में है। दूरसंचार मंत्रालय से सीबीआइ को भेजी गई ताजा रिपोर्ट के बाद प्रारंभिक जांच का केस दर्ज करने का फैसला किया गया। सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संचार मंत्री रहने के दौरान 2004 से 2007 के बीच दयानिधि मारन के चेन्नई स्थित घर पर बीएसएनएल के 323 टेलीफोन कनेक्शन लगाए गए थे। मारन पर इन कनेक्शनों का वाणिज्यिक इस्तेमाल कर बीएसएनएल को तीन साल में 440 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार विभाग से इस संबंध में 2009 में ही विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। लेकिन विभाग ने जांच एजेंसी को पूरी जानकारी नहीं दी। इसके बाद सीबीआइ ने दोबारा दूरसंचार विभाग को पूरी जानकारी देने के लिए कहा। लेकिन दूरसंचार विभाग ने चुप्पी साध ली। मारन के इस्तीफे के बाद सीबीआइ ने इस साल जून में नए सिरे से दूरसंचार मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाया। घोटाले के आरोपों में घिरे दूरसंचार विभाग ने बीएसएनएल कनेक्शनों के बारे में इसी महीने सीबीआइ को विस्तृत रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में मारन की भूमिका पर सवालिया निशान लगाया गया है। इसके बाद सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच का केस दर्ज करने का फैसला किया
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