Thursday, September 15, 2011

बैग में पैसे दोस्त के, दवाइयां सांसद की

जागरण ब्यूरो भोपाल एक्सप्रेस में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे व कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित की बर्थ के नीचे से 10 लाख रुपये से भरा बैग मिला है। बैग मिलने के बाद रेलवे से लेकर राजनीतिक क्षेत्र में हलचल है। हालांकि दीक्षित इसे अपने दोस्त का बैग बता रहे हैं लेकिन उन्होंने बैग में रखी दवाइयों को अपना बताया है। रेलवे पुलिस ने रुपये जब्त कर लिए हैं। गुरुवार की सुबह करीब 6:45 बजे निजामुद्दीन-हबीबगंज के बीच चलने वाली भोपाल एक्सप्रेस हबीबगंज स्टेशन पहुंची थी। यात्रियों के उतरने के बाद एसी प्रथम श्रेणी के अटेंडेंट भगवान दास ने कोच चेक करते वक्त देखा कि सी कूपे में एक बैग रखा है। बैग देखकर उसे कुछ शंका हुई, खोलकर देखा तो उसमें नोट भरे हुए थे। इसके बाद उसने जूनियर इंजीनियर अशोक शर्मा और अपने अन्य साथियों को बुलाकर रेलवे पुलिस, हबीबगंज को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बैग कब्जे में लेकर खोला तो उसमें एक हजार के नोटों की 10 गड्डियां थीं। प्रत्येक गड्डी में एक लाख रुपये थे। बैग में कुछ दवाइयां भी थीं। यह जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियों को दी गई। पड़ताल में जब इस बर्थ पर यात्रा करने वाले का नाम सामने आया तो सब चौंक गए। इस कूपे में सांसद संदीप दीक्षित और उनकी पत्‍‌नी यात्रा कर रहे थे। यह जानकारी मिलते ही रेलवे एसपी इंदू प्रकाश अरजरिया समेत प्रदेश पुलिस के अन्य अफसर भी सक्रिय हुए। पुलिस ने भोपाल आए सांसद दीक्षित से संपर्क किया तो पहले उन्होंने कहा कि ये बैग उनके दोस्त जयेश माथुर का है, लेकिन इसमें जो दवाएं निकलीं, वे दीक्षित की थीं। सांसद दीक्षित का कहना है कि उनके दोस्त ने यात्रा के वक्त अपना बैग उनके कूपे में रख दिया था। जीआरपी ने माथुर के भी बयान लिए हैं। वह एमपी नगर की एक होटल में ठहरे हुए हैं। वह पेशे से आर्कीटेक्ट हैं। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह अपने पिता के नाम से एक फ्लैट लेने भोपाल आए थे। यह रकम उसी के लिए है। पुलिस ने उनसे इससे संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं। पुलिस को बयान देने के बाद जयेश ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। रेलवे के एसपी अरजरिया ने बताया है कि 10 लाख रुपये पुलिस एक्ट की धारा 25 के तहत जब्त किए गए हैं। इन्हें उसका वारिस अदालत में दस्तावेज दिखाने पर ही ले सकता है

No comments:

Post a Comment