Monday, September 26, 2011
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने को छह बिल पेश करेगी सरकार
नई दिल्ली काले धन व भ्रष्टाचार पर चारों तरफ से घिरी केंद्र सरकार अपनी छवि सुधारने में जुटी है। इस संबंध में सरकार ने फैसला किया है कि वह आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार या काले धन पर रोक लगाने संबंधी हर विधेयक पर सार्वजनिक बहस कराने के बाद ही उसे संसद में पेश करेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक व लोक शिकायत राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने यह जानकारी दी। नारायणसामी ने बताया कि प्रधानमंत्री के अमेरिका से लौटने के बाद भ्रष्टाचार निवारण से संबंधित कुछ विधेयकों पर चर्चा होनी है। सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में भ्रष्टाचार निवारण से संबंधित लगभग आधा दर्जन विधेयक पेश करना चाहती है। इसमें एक विधेयक सार्वजनिक खरीद से संबंधित होगा। नारायणसामी ने अन्य विधेयकों का नाम तो नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि इनमें जन शिकायत विधेयक, न्यायिक जवाबदेही विधेयक, मनी लांड्रिंग निषेध कानून में संशोधन विधेयक सहित कुछ और विधेयक शामिल होंगे। हाल ही में सरकार ने भ्रष्टाचार से संबंधित लोकपाल विधेयक भी पेश किया है, जिस पर संसद की स्थायी समिति विचार विमर्श कर रही है। नारायरणसामी सोमवार को पत्रकारों को आगामी बुधवार से नई दिल्ली में शुरू हो रहे सातवें भ्रष्टाचार विरोधी क्षेत्रीय सम्मेलन के बारे में जानकारी दे रहे थे। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) व आर्थिक सहयोग तथा विकास संगठन (ओईसीडी) के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस सम्मेलन में भारत 27 देशों के साथ काले धन व भ्रष्टाचार की समस्या से लड़ने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। सभी हस्ताक्षरकर्ता देश भ्रष्टाचार उन्मूलन व काले धन पर रोकथाम के लिए अपनी विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने का रास्ता निकालेंगे। साथ ही इन मामलों में एक दूसरे को किस तरह की न्यायिक मदद दी जाए, इस बारे में भी सहमति बनेगी। सदस्य देश निजी क्षेत्र में भ्रष्टाचार की समस्या पर भी विचार करेंगे। वे एक ऐसा सर्वमान्य रोडमैप बनाने की कोशिश करेंगे जिसे सभी देशों में एक साथ लागू किया जा सके। इस सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल करेंगी। एडीबी और ओईसीडी एशिया व प्रशांत क्षेत्र के देशों में भ्रष्टाचार को खत्म करने तथा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित कराते हैं
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