Tuesday, September 13, 2011

भाजपा के हो सकते हैं नोट-वोट कांड के रुपये: जेठमलानी

नई दिल्ली नोट के बदले वोट कांड को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने में जुटी भाजपा को उसके अपने ही सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने यह दलील देकर असहज कर दिया कि लोकसभा में लहराए गए नोट भाजपा के हो सकते हैं। उन्होंने यह दलील तीस हजारी कोर्ट में अमर सिंह के लिए अंतरिम जमानत की मांग करते हुए दी। हालांकि अदालत अमर सिंह की जमानत पर निर्णय मंगलवार को सुनाएगी, लेकिन देर रात उन्हें एम्स में भर्ती करा दिया गया। तीस हजारी कोर्ट की विशेष जज संगीता ढ़ींगरा सहगल के समक्ष जेठमलानी ने कहा कि पुलिस अमर सिंह पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगा रही है, लेकिन नोट के बदले वोट कांड के समय विपक्ष के नेता रहे लालकृष्ण आडवाणी हाल ही में कह चुके हैं कि उनके इशारे पर स्टिंग ऑपरेशन अंजाम दिया गया। ऐसे में सवाल यह है कि अमर सिंह ने किस चीज का षड्यंत्र किया? पहले भी कई बार पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन चुके जेठमलानी ने कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा कि अमर सिंह के खिलाफ पैसों के लेन देन का कोई सबूत नहीं है। दूसरी ओर आडवाणी कह चुके हैं कि स्टिंग पार्टी की सहमति से हुआ था। लिहाजा उन्हें बताना चाहिए कि पैसा कहां से आया? हालांकि बाद में जेठमलानी ने सफाई दी कि उन्होंने यह नहीं कहा कि पैसा भाजपा ने दिया था। उनके मुताबिक इस मामले में भाजपा के लोगों ने लोकसभा में धन लहराकर कोई गलत काम नहीं किया। यह भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए किया गया था। जेठमलानी के इन बयानों से पार्टी की रणनीति पर थोड़ा पानी पड़ गया है। अब तक बैकफुट पर खड़ी कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जेठमलानी पूर्व कानून मंत्री और भाजपा के सांसद हैं। वह खुद भाजपा पर उंगली उठा रहे हैं। लिहाजा दोनों सदनों में भाजपा के नेताओं समेत पार्टी के पीएम इन वेटिंग को जवाब देना होगा। अदालत में अमर सिंह के पक्ष में जेठमलानी की दलीलों पर भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि वह अपने मुवक्किल के बचाव में एक अधिवक्ता की तरह काम कर रहे हैं। वकील जो भी दलील देता है चाहे वह कितनी ही गलत क्यों न हो, हम आमतौर पर उस पर टिप्पणी नहीं करते। भाजपा ऊपर से कुछ भी कह रही हो, अंदरूनी तौर पर पार्टी के माथे पर बल पड़ गए हैं। इससे पहले भी जेठमलानी का रुख पार्टी को परेशान करता रहा है। इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह के बचाव में उतरने पर भाजपा इतनी परेशान हुई थी कि उसने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। हाल के दिनों में जेठमलानी छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ विनायक सेन के बचाव में उतरे थे। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर भाजपा जब बड़ी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही थी तब भी वह द्रमुक सांसद कनीमोरी के बचाव में आगे आए थे। अभी हाल में वह राजीव गांधी हत्यारों के बचाव में भी उतरे थे

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