Wednesday, September 14, 2011
हाई कोर्ट में प्राधिकरण और बिल्डरों ने रखा अपना पक्ष
इलाहाबाद नोएडा भूमि अधिग्रहण मामले में हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर मंगलवार को नोएडा व बिल्डरों की तरफ से बहस की गई। याचिकाओं की सुनवाई उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पूर्ण पीठ न्यायमूर्ति अशोक भूषण न्यायमूर्ति एसयू खान तथा न्यायमूर्ति वीके शुक्ल द्वारा की जा रही है। सुनवाई बुधवार को जारी रहेगी। नोएडा के अधिवक्ता का कहना था कि किसानों व बिल्डरों के बीच करार हो गया है किसी को अधिग्रहण पर आपत्ति नहीं है। हर कोई अधिक मुआवजा चाहता है। सुनवाई के दौरान बिल्डरों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा का कहना है कि पटवारी गांव के हरकरन केस का फैसला केवल याचियों पर लागू है। कोर्ट ने मुआवजा ले चुके व कब्जा छोड़ चुके किसानों की जमीन वापसी के अधिकार को स्वीकार नहीं किया है। केवल उन्हें ही भूमि वापस लेने को कहा है, भूमि जिनके कब्जे में है और मुआवजा नहीं लिया है। इस फैसले के बाद याचियों ने बिल्डरों से अधिक मुआवजा तय करने निर्णय के बिल्डरों से अधिक मुआवजा तय करने के निर्णय के प्रभाव को स्वयं ही स्वीकार नहीं किया है, अधिग्रहण अधिसूचना रद होने से दो पक्षों के बीच हुए करार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिवक्ता ने कहा कि सभी अधिक मुआवजा चाहते हैं। बिल्डरों की तरफ से ध्रुव अग्रवाल ने पक्ष रखा
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