नई दिल्ली टीम अन्ना के समर्थन में उतरी भाजपा ने अब उनके खिलाफ हो रहे हमलों में भी ढाल बनने का फैसला किया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने टीम अन्ना, बाबा रामदेव और सरकार के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिख हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। गडकरी ने सरकार के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की ओर से हो रही कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित और देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए नुकसानदेह बताया है। उनका कहना था कि अन्ना हजारे के 12 दिन तक उपवास से उपजे हालात में भाजपा के सरकार की मदद करने के बावजूद इस तरह की कार्रवाइयां हो रही हैं। तीखे शब्दों में लिखी चिट्ठी में भाजपा अध्यक्ष ने जहां कांग्रेस से ही आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के परिजनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ताना दिया है। वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ सरकार के रवैये को भी विद्वेषपूर्ण करार दिया है। पत्र में प्रमुख विपक्षी दल के नेता ने कहा है कि इससे समाधान का रास्ता निकलने की बजाए टकराव बढ़ेगा। भाजपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई पूरे राजनीतिक वर्ग के खिलाफ अविश्वास का माहौल पैदा कर रही है। गडकरी ने इस मामले में प्रधानमंत्री से अपने अधीन काम कर रही एजेंसियों को नियंत्रित करने का अपील की है। लोकपाल बिल में बदलावों के बारे में सुझाएगा सीवीसी नई दिल्ली : सीवीसी प्रस्तावित लोकपाल विधेयक में कुछ बदलावों के बारे में संसद की स्थायी समिति को सुझाव देगा और भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में उच्च नौकरशाही पर अभियोजन चलाने के लिए ज्यादा शक्तियों की वकालत करेगा। देश के शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए आयोग की भूमिका से संबंधित एक विस्तृत पत्र तैयार किया गया है।
Wednesday, September 7, 2011
सरकारी एजेंसियों को नियंत्रित करें प्रधानमंत्री
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