Wednesday, September 21, 2011

अब मायावती लगाएंगी भ्रष्टाचार पर अंकुश

लखनऊ भ्रष्टाचार के खिलाफ बने देशव्यापी माहौल और समाजसेवी अन्ना हजारे की यूपी का दौरा करने की घोषणा के बाद मायावती सरकार को भी आखिरकार हरकत में आ गई। मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में ने केवल मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए बल्कि इसके लिए उप्र जनहित गारंटी कानून को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को हर हफ्ते किसी एक तहसील के एक गांव का निरीक्षण करने और उप जिलाधिकारियों को हर महीने पांच गांवों का दौरा करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ंने सभी विभागों की लंबित विजिलेंस जांच और अभियोजन के मामलों समेत विभागीय कार्रवाईयों में तेजी लाने एवं इन्हें एक निश्चित समय सीमा निबटाने के निर्देश दिए हंै। उन्होंने लापरवाही बरतने और काम में रुचि न लेने वाले कर्मियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए समयबद्ध स्क्रीनिंग कराने को कहा है। जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त वरिष्ठ अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने और इसके लिए इंटेलीजेंस को सक्रिय करने का जिम्मा जिलाधिकारियों को सौंपा है। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक का इस बार नजारा बदला हुआ नजर आया। आमतौर पर समीक्षा बैठक करने के बाद कैबिनेट सचिव उसके निष्कर्षो से मुख्यमंत्री को अवगत कराते थे, जिस पर मुख्यमंत्री निर्देश देती थीं, लेकिन मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सचिव को निर्देश दिए कि वह सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए बैठक में अधिकारियों को विस्तार से अवगत कराएं खासतौर पर जनहित गारंटी कानून का फायदा बताया जाए। उन्होंने सेवाओं की संख्या में बढ़ोतरी कर खास तौर पर परिवहन से जुड़ी सेवाओं को भी इसके दायरे में शामिल करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में अन्ना हजारे के दौरों की योजना को देखते हुए सरकार की भ्रष्टाचार पर फिक्र बढ़ी है। बैठक में उपजिलाधिकारियों को दौरे के दौरान गांव में खुली बैठक करने, समस्याओं की सुनवाई कर उन्हें मौके पर ही निस्तारित करने, सरकार के सभी कार्यक्रमों से जनता को अवगत कराने और इस पूरी कार्रवाईयों की वीडियो रिकार्डिग कराने के निर्देश दिए हैं। चुनाव नजदीक देख न केवल सरकार जनता के करीब पहुंचना चाहती है, बल्कि वीडियो रिकार्डिग आदि से अधिकारियों को जनता की सुनवाई के लिए भी बाध्य करना चाहती है। त्यौहारों के मद्देनजर चाक चौबंद हो सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री मायावती ने कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के साथ ही त्यौहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने को कहा है। उन्होंने अभिसूचना तंत्र को मजबूत और भरोसेमंद बनाने पर बल दिया। जिले के डीएम और एसपी दोनों ही वरिष्ठ अधिकारियों को आपसी तालमेल से कार्य करने की हिदायत दी। सूबे के सभी कमिश्नर, डीएम, डीआईजी, एसपी के अलावा प्रमुख सचिवों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कैबिनेट सचिव और मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के इन निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने रबी की बुआई के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना फेज-दो के तहत बने आवासों का आवंटन 25 सितम्बर तक करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत हेतु गृह अनुदान की धनराशि सितम्बर माह के अन्त तक हर हाल में वितरित करने को भी कहा। जहां भूमि और आवासों के पट्टों का कब्जा तीन चार बार लाभार्थियों को दिया जा चुका है, लेकिन उन्हें अभी भी वास्तविक रूप से कब्जा नहीं मिला है, ऐसे मामलों में अवैध कब्जेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कार्यवाही की जाए। सभी जिलाधिकारियों को कहा गया कि वे एक माह में कॉमन सर्विस सेन्टर को क्रियाशील कर लोगों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ खतौनी की कापी व अन्य सेवायें मुहैया कराएं

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