Wednesday, September 7, 2011

सीबीआइ की गिरफ्त में बेल्लारी बंधु

नई दिल्ली लौह अयस्क के अवैध खनन के आरोपी कर्नाटक के रेड्डी बंधुओं के खिलाफ आखिरकार सीबीआइ का शिकंजा कस ही गया। सीबीआइ ने भाजपा नेता कर्नाटक के पूर्व पर्यटन मंत्री जर्नादन रेड्डी और उनके नजदीकी रिश्तेदार श्रीनिवासन रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी आंध्रप्रदेश के इलाके में अवैध खनन के आरोप में की गई है। बेल्लारी में रेड्डी बंधुओं के घर उनकी कंपनी ओवलापुरम माइंनिग के दफ्तरों पर मारे गए छापे में एजेंसी को साढ़े चार करोड़ रुपये नकद और 30 किलो सोना मिला है। हैदराबाद की स्थानीय अदालत ने इन दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में चंचालगुडा जेल भेज दिया है। वहीं, रेड्डी समर्थकों ने गिरफ्तारी के विरोध में बेल्लारी के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए। हैदराबाद से आए सीबीआई के 15 सदस्यीय दल ने ओवलापुरम माइनिंग और रेड्डी बंधुओं के ठिकानों पर रविवार रात छापे की कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी ने नकदी सोने के अलावा रेड्डी बंधुओं के चार हेलीकाप्टर भी जब्त कर लिये हैं। छापे में अवैध खनन से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद होने का दावा करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे और भी छापे मारे जा सकते हैं। रेड्डी के सहयोगी और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलू द्वारा विधानसभा सीट से इस्तीफा दिए जाने के एक दिन बाद जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की है। श्रीरामुलू ने मंत्री पद दिए जाने से भाजपा के इंकार और बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं को मंत्रिमंडल से बाहर रखे जाने के विरोध में इस्तीफा दिया है। उल्लेखनीय है कि अवैध खनन के आरोप में सीबीआइ ने आंध्रप्रदेश सरकार के अनुरोध पर रेड्डी बंधुओं के खिलाफ दिसंबर 2009 में ही एफआइआर दर्ज कर ली थी, पर रेड्डी बंधुओं की अपील पर हैदराबाद हाईकोर्ट ने जांच पर रोक लगा थी। बाद में हाईकोर्ट ने दिसंबर 2010 में रोक हटा ली थी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जांच से रोक हटने के बाद 1530 दस्तावेजों और लौह अयस्क के 112 सैंपल की जांच के साथ- साथ 85 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के बाद रेड्डी बंधुओं के खिलाफ शिकंजा कसने का फैसला किया गया। सीबीआइ ने साफ कर दिया है कि वह कर्नाटक में किये गये अवैध खनन की जांच नहीं कर रही है, जबकि गत माह लोकायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में रेड्डी बंधुओं पर राज्य में अवैध खनन का आरोप लगाया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,चूंकि उन्हें केवल आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से जांच का अनुरोध मिला था, इसीलिए उनकी जांच फिलहाल इसी के इलाके में अवैध खनन तक सीमित रहेगी। गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने जनार्दन रेड्डी और श्रीनिवासन रेड्डी को हैदराबाद की विशेष अदालत में पेश कर 15 दिनों की रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीबीआइ की रिमांड की मांग पर अदालत बुधवार को सुनवाई करेगी।

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