Saturday, September 10, 2011
बिल्डर खरीद रहे किसानों से अतिरिक्त जमीन
ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन में किसानों के साथ समझौता करने के लिए प्राधिकरण ने नया फार्मूला निकाला है। हैबतपुर व इटेड़ा के किसानों के साथ नए फार्मूले पर सहमति बन गई है। प्राधिकरण पतवाड़ी गांव की भांति किसानों को 550 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा नहीं देगा। इसकी जगह किसानों को तीन फीसदी अतिरिक्त जमीन दी जाएगी। इस जमीन को सभी किसानों को एक ही स्थान पर आवंटित किया जा रहा है। बिल्डर इस जमीन को किसानों से 18 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से खरीदने को तैयार हैं। एक बिल्डर ने किसानों से जमीन खरीद भी ली है। प्राधिकरण का तर्क है कि इस फार्मूला से न केवल किसानों को ज्यादा पैसा मिल रहा है, बल्कि प्राधिकरण पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है। हैबतपुर व इटेड़ा गांव के किसानों के साथ 15 दिन पहले ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह व सांसद सुरेंद्र नागर की मध्यस्थता में समझौते पर सहमति बन गई थी। मामला मुआवजा राशि व अतिरिक्त जमीन आवंटन को लेकर अधर में था। प्राधिकरण खस्ता आर्थिक स्थिति का हवाला देकर मुआवजा राशि के बदले तीन प्रतिशत अतिरिक्त जमीन देना चाहता था। वहीं किसानों को अर्जित भूमि की एवज में आठ प्रतिशत जमीन मिलती है। प्राधिकरण इसे बढ़ाकर 11 प्रतिशत करने को तैयार हो गया। किसान पतवाड़ी गांव की तरह मुआवजा राशि की मांग कर रहे थे। काफी माथापच्ची के बाद प्राधिकरण ने नया फार्मूला निकालते हुए अतिरिक्त जमीन को ऐसी जगह आवंटित करने का निर्णय लिया, जहां बिल्डर हाथों-हाथ उसे खरीद लें। सूत्रों का कहना है कि एक दर्जन किसानों के साथ सुलह के बाद प्राधिकरण ने अतिरिक्त जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी। किसानों ने इस जमीन को बिल्डरों को बेच दिया। शुक्रवार को भी डेढ़ दर्जन किसानों के साथ समझौता हुआ। फिलहाल प्राधिकरण उन्हीं किसानों के साथ समझौता कर रहा है, जिन्होंने हाई कोर्ट में जमीन अधिग्रहण को चुनौती दे रखी है। हैबतपुर व इटेड़ा के करीब 80 किसानों ने याचिका दायर की है। 12 सिंतबर को होने वाली सुनवाई से पहले प्राधिकरण इन किसानों के साथ समझौते की कोशिश में लगा है
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