लखनऊ राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में सीबीआइ ने गुरुवार को लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और गुजरात में कुल 12 स्थानों पर व्यापक छापेमारी की। छापेमारी में सीबीआइ को घोटाले से जुड़े हार्डडिस्क, दवाओं की खरीद के बाउचर, एम्बुलेंस और घोटाले के दौरान उपयोग की गई धनराशि के सबूतों समेत कई अहम दस्तावेज मिले हैं। सीबीआइ ने एंटी करप्शन यूनिट के एसपी एमसी साहनी की अगुवाई में छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को सीबीआइ ने पूर्व डिप्टी सीएमओ स्व. वाईएस सचान व लखनऊ के पूर्व सीएमओ डॉक्टर एके शुक्ला, सीएमओ लखनऊ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी चन्द्रजीत यादव, वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र वर्मा व संजय आनन्द तथा सीएमओ परिवार कल्याण कार्यालय के लिपिक दिनेश सिंह, राज इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर रवीन्द्र बहादुर सिंह और ओमेगा सिक्योरिटी एंड सर्विसेज के प्रोपराइटर गौरीशंकर के आवास व दफ्तर तथा सीएमओ लखनऊ के दफ्तर पर छापेमारी की। इसके अलावा जैन मेडिकल हाल मुरादाबाद के प्रोपराइटर विवेक जैन के आवास व दफ्तर, सीके हास्पीटल सप्लायर्स कानपुर और अहमदाबाद में बायोटेक विजन प्राइवेट लिमिटेड कलोल के दफ्तर में छापा मारकर कई अहम सबूत हासिल किया। गुजरात, कानपुर व मुरादाबाद में अलग-अलग टीमों ने छापा मारा। छापेमारी के दौरान सीबीआइ ने संबंधित लोगों से पूछताछ भी की। घोटाले से जुड़े कई लोगों को अपने कार्यालय बुलाकर सीबीआइ ने अहम जानकारी हासिल की। सीबीआइ को एनआरएचएम घोटाले में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, लिपिक, ठेकेदार, फर्मो के प्रोपराइटर व अन्य की संलिप्तता के सुराग मिले हैं। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वजीरगंज थाने में दो मामले पहले ही दर्ज कराए गए थे, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद सीबीआइ ने टेकओवर कर जांच शुरू की है। सीबीआइ ने षड्यंत्र और धोखाधड़ी समेत कई प्रमुख धाराओं में मामले को दर्ज किया है। गुरुवार की छापेमारी इसकी एक कड़ी है। सूत्रों ने बताया कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि कानपुर के शिवाला स्थित सीके सर्जिकल एंड सप्लायर्स के मालिक ने सीबीआइ टीम के छापे जैसी किसी भी घटना से इंकार किया है। सीएमओ डॉ. जय सिंह ने शहर में सीबीआइ टीम की मौजूदगी और छापे के संबंध में अनभिज्ञता जताई है। एनआरएचएम के काम की पड़ताल मुरादाबाद : घोटाले की पड़ताल में गुरुवार को सीबीआइ की एक टीम मुरादाबाद में सक्रिय रही। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा रहा। सीबीआइ की पड़ताल में मुख्य जोर एनआरएचएम में अब तक मिली धनराशि और उसके व्यय पर है। जांच टीम इससे जुड़े रिकार्ड तलाश रही है। पहले दिन सीबीआइ ने जिले के ग्रामीण इलाके में नए भवनों के काम और उनमें उपकरणों की स्थापना से जुड़े सरकारी दावों की पड़ताल की। अगले चरण में सरकारी रिकार्ड खंगाले जाने की उम्मीद है।

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