योगगुरु बाबा रामदेव का कहना है कि सिर्फ लोकपाल या जनलोकपाल से भ्रष्टाचार के खात्मे की कल्पना करना बेमानी होगा। इससे भ्रष्टाचार पर कुछ अंकुश तो लगाया जा सकता है, लेकिन देश भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि देश को खोखला कर रही समस्याओं से निजात पाने के लिए व्यवस्था परिवर्तन जरूरी है। योगगुरु ने इसके लिए सात सूत्रीय एजेंडा भी पेश किया। जिसे नाम दिया गया व्यवस्था परिवर्तन व संपूर्ण क्रांति। बाबा ने प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव की पुरजोर पैरवी करते हुए उन्हें देश की जनता के प्रति जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। मंगलवार को पतंजलि योगपीठ फेज-दो में योग प्रशिक्षकों के शिविर में बाबा रामदेव के सुर बदले नजर आए। हालांकि, बाबा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन जोर देकर कहा कि लोकपाल या फिर जन लोकपाल से ही देश की सभी समस्याओं का हल नहीं निकलने वाला। इनके माध्यम से एक हद तक ही भ्रष्टाचार को काबू में लाया जा सकता है, पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। बाबा रामदेव ने अपने नए एजेंडे के सात सूत्रों- गांवों को न्याय दिलाना, नई अर्थ क्रांति, समान शिक्षा व्यवस्था, समान चिकित्सा व्यवस्था, चुनाव सुधार, राष्ट्रीय प्रबंधन नीति, काले कानून खत्म करवाना का जिक्र किया, साथ ही कहा कि इसका पालन करने से न सिर्फ सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी, बल्कि लोकपाल या जनलोकपाल की जरूरत नहीं रहेगी।

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