Thursday, August 25, 2011

जगन मोहन को सुप्रीम कोर्ट से लगा तगड़ा झटका

: उच्चतम न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ जांच के आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए पूर्व कांग्रेसी नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी को आखिरी उम्मीद को भी जोर का झटका दिया। अदालत ने सीबीआइ जांच के आदेश को चुनौती देने वाली जगन की याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने की कोई गुंजाइश नहीं है। आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने जगन मोहन रेड्डी की संपत्ति की सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआइ ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जगन की कंपनियों और उन्हें लाभ पहुंचाने वाली फर्मो पर छापे भी मारे हैं। बुधवार को न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी व न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने कहा कि वे मामले की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि कोर्ट ने कहा कि जगन कानून में उपलब्ध तरीकों से अपना बचाव कर सकते हैं। इससे पहले जगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी व मुकुल रोहतगी ने हाईकोर्ट आदेश का विरोध करते हुए कहा कि इस आदेश से उनके मुवक्किल के हित प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने सीबीआइ जांच की जिस प्रारंभिक रिपोर्ट को देखने के बाद सीबीआइ से मामला दर्ज कर आगे जांच करने का आदेश दिया है वह प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रति उन्हें नहीं उपलब्ध कराई गई है। रिपोर्ट न उपलब्ध कराया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है। जबकि सीबीआइ की ओर से दलील दी गयी कि हाईकोर्ट ने रिपोर्ट सिर्फ खोल कर देखी थी उसे फिर सील कर दिया गया। वहींजगनमोहन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और एम्मार एमजीएफ द्वारा एक टाउनशिप विकसित करने के मामले में सीबीआइ ने एक शीर्ष नौकरशाह के अलावा 12 अन्य से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने राज्य गृह विभाग के मुख्य सचिव बीपी आचार्य से अज्ञात स्थान पर पूछताछ की।


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