Thursday, August 25, 2011

हेलो, आंदोलन खत्म होने तक फोन न करेंगे

, नई दिल्ली हेलो, मैं अब बार-बार अपने मोबाइल की बैट्री चार्ज करने के लिये इधर-उधर नहीं भटक सकता। इसलिये अब मेरा मोबाइल मैं आंदोलन खत्म होने तक मैं अपना मोबाइल बंद रखूंगा। मेरी चिंता मत करना और मैं अब फोन केवल अन्ना हजारे के आंदोलन के खत्म होने पर ही करूंगा। बातचीत का यह लब्बोलुआब है अन्ना हजारे के आंदोलन में 16 अगस्त से शामिल लोगों का। देश के कोने-कोने से आये लोगों ने बार-बार मोबाइल की बैट्री चार्ज करने के झंझट से परेशान होकर अपने मोबाइल बंद करके रखने शुरू कर दिये हैं। मंगलवार सुबह भी कुछ ऐसे ही अनशनकारी अपने-अपने परिजनों से इसी तरह के संदेशों का आदान-प्रदान करते दिखे। भोपाल से आई सागर यूनिवर्सिटी की एक लेक्चरार पूनम ने बताया कि वह ंपिछले पांच दिनों से अन्ना के आंदोलन में शामिल है। बार-बार मोबाइल की बैट्री खत्म होने पर उसे चार्ज कराने के लिये उसे सड़क या मार्केट की ओर जाना पड़ता था। जिसके चलते उसने आज अपना मोबाइल बंद ही रखने का निर्णय लिया और इस बारे में अपने परिजनों को भी बता दिया कि उनका मोबाइल किस कारण से बंद है। अब वे आंदोलन के खत्म होने पर ही घर पर फोन करेंगी। गुड़गांव से आये 64 वर्षीय विजेंद्र सिंह राणा और उनके साथी कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के समर्थन में डेरा जमाये हुए हैं। उन्होंने भी मोबाइल की बैट्री रिचार्ज के झंझट के कारण अपने-अपने फोन बंद कर दिये हैं। वहीं, बिहार के छपरा जिला निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने घर पर फोन कर दिया है कि वे उनकी चिंता न करें और जरूरत पड़ने पर वह खुद परिजनों को फोन करेंगे और अगर कोई जरूरत नहीं पड़ी तो वे आंदोलन के खत्म होने पर ही घर पर फोन करेंगे।


No comments:

Post a Comment