Thursday, August 25, 2011

देश भर में और मुखर हुई अन्ना समर्थकों की आवाज

नई दिल्ली भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में पूरे देश में नारे गूंज रहे हैं और रैलियां हो रही हैं। बच्चे, जवान एवं बूढ़े मौसम की परवाह किए बगैर इस आंदोलन का हिस्सा बनकर हुंकार भर रहे हैं। अहिंसक विरोध प्रदर्शन और भ्रष्टाचार रोकने की दृढ़ इच्छाशक्ति का ऐसा नजारा शायद प्रशासन ने इससे पहले कभी नहीं देखा था। अनशन के आठवें दिन भी अधिकारी यह समझ पाने में असमर्थ हैं कि आखिर इससे कैसे निपटा जाए। मजबूरन या तो वे दर्शक की भूमिका में आ गए हैं या आंदोलन को नैतिक समर्थन दे रहे हैं। दिल्ली में अनशन पर बैठे अन्ना की आवाज सरकार के कानों तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को भी देश भर में प्रदर्शनकारी आवाज बुलंद करते रहे। दिल्ली को छोड़ दें तो उत्तर प्रदेश अन्ना के समर्थन में कुछ ज्यादा ही मुखर रहा। बरेली में दिनभर हुई बारिश के बीच भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम जारी रही। बदायूं, शाहजहांपुर में भी धरना प्रदर्शन हुआ। पीलीभीत में महिलाओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जाप किया। अलीगढ़ में बीमा कंपनियों के सर्वेयर दिनभर अनशन पर रहे तो शाम को भारत विकास परिषद की समस्त शाखाओं ने प्रदर्शन किया। शाम को कैंडिल मार्च भी निकाले गए। रेलवे वेंडर्स ने भी अन्ना के समर्थन में प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद में अनशन पर बैठे अन्ना समर्थकों की हालत पांचवें दिन बिगड़ गई। तत्काल डॉक्टरों की टीम चेकअप के लिए पहुंच गई। अनशनकारियों का तीन-तीन किलो वजन कम हो गया है। नोएडा में 15 युवा मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इनकी जिद है कि जब तक अन्ना अनशन पर रहेंगे, वह भी उनके साथ उपवास रखेंगे। नोएडा से दिल्ली तक के लिए रैली निकाली गई। मुरादाबाद में शहर के अलावा गांव-कस्बों में भी अन्ना के समर्थन की आंधी तेज हो रही है। शहर में शाम को भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक मशालें चमकीं। मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, बागपत और मुजफ्फरनगर में भी धरना प्रदर्शन हुए। गुजरात में आठ सौ से भी अधिक अन्ना समर्थकों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने के लिए अपने खून से हस्ताक्षर किया। इनमें बहुत सारे छात्र थे। इस ज्ञापन को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआइडीएसओ) ने तैयार किया था। बिहार की बात करें तो मुजफ्फरपुर में मौन जुलूस निकाला गया। इसमें व्यापारी भी शामिल हुए। भागलपुर में वामपंथी दलों ने जुलूस निकालकर अन्ना का समर्थन व्यक्त किया। पश्चिम बंगाल के व्यवसायियों ने अन्ना को समर्थन देने का फैसला किया है। इस सिलसिले में 27 अगस्त को कोलकाता के केंद्र धर्मतल्ला में सभा का आयोजन होना है। सूबे में व्यवसायियों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेड एसोसिएशंस के अध्यक्ष महेश सिंहानिया यह जानकारी दी। गौरतलब है कि इस एसोसिएशंस के अंतर्गत एक करोड़ से ज्यादा व्यवसायी हैं। गुवाहाटी में अन्ना समर्थन में व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस निकाला और नारेबाजी की। मध्य प्रदेश में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर भोपाल आई। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कार्यालय जाकर अन्ना के जनलोकपाल बिल के लिए समर्थन मांगा। अन्ना की मांग का समर्थन करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीयूष माथुर ने इंदौर में एक दिन का अनशन किया। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश में भोपाल सहित प्रमुख शहरों में अन्ना के समर्थन में धरने और जुलूस कार्यक्रम जारी रहे। उड़ीसा में अन्ना के समर्थन में बलांगीर में स्कूल-कॉलेज बंद रहे। दुकानें भी बंद रहीं। भुवनेश्वर और कटक में भी आंदोलनात्मक गतिविधियां जारी हैं। देश के सूचना प्रोद्योगिकी के केंद्र बेंगलूर में अन्ना के समर्थन में फ्रीडम पार्क में धरना दिया गया। इसमें कई फिल्मी हस्तियां भी शामिल हुई। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश व कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त एन संतोष हेगड़े ने यहां जुटी सभा को संबोधित किया। हेगड़े जन लोकपाल मसौदा विधेयक की संयुक्त मसौदा समिति में भी शामिल थे। इसके अलावा भी शहर के विभिन्न भागों में रैलियां निकाली गई।


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