Tuesday, August 30, 2011

सभी को बधाई लेकिन यह आधी जीत है : अन्ना

अन्ना हजारे ने जन लोकपाल आंदोलन की सफलता के लिए समूचे देश को बधाई देने के साथ ही इसे आजादी की दूसरी लड़ाई की आधी जीत करार दिया है। आंदोलन की कामयाबी को देश की जनता खासकर युवाओं के अपार समर्थन का नतीजा बताने के साथ ही उन्होंने लोगों से यह अपील भी की कि वे वे जश्त तो मनाएं पर शांति के साथ। देश के विभिन्न इलाकों में लोगों ने अन्ना के अनुरोध का सम्मान करते हुए शनिवार को एक साथ होली और दीवाली तो मनाई पर बिना किसी होहल्ले और हुड़दंग के। अन्ना ने जनलोकपाल की तीन प्रमुख मांगों पर संसद में समर्थन का प्रस्ताव पारित होने की अधिकृत सूचना मिलने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा,वह सभी सांसदों को इसके लिए बधाई देते हैं लेकिन ये आधी जीत है। पूरी जीत अभी बाकी है। हजारे ने कहा,यह दिन 12 दिन उनका साथ देने वाले कार्यकर्ताओं की जीत है। हमें इसका जश्न मनाना है लेकिन शांतिपूर्वक तरीके से। इससे पहले केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख कांग्रेसी सांसद संदीप दीक्षित और विलास मुत्तमवार के साथ रामलीला मैदान पहुंचे। देशमुख ने अन्ना से भेंट कर उन्हें संसद में तीनों मांगों के समर्थन में प्रस्ताव पारित होने की जानकारी दी। साथ ही मंच से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की वह चिट्ठी पढ़ी, जो उन्होंने अन्ना हजारे को भेजी थी। देशमुख के मुताबिक, पीएम ने अपने पत्र में कहा है, प्रिय, अन्ना हजारे जी आपने जो मुझे 26 अगस्त 2011 को पत्र लिखा उसके लिए धन्यवाद। आपने प्रभावी लोकपाल विधेयक के लिए जिन तीन बिंदुओं पर संसद में प्रस्ताव पारित कराने की बात कही थी। उन पर संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित किया गया है। संसद तीन बिंदुओं पर सैद्धांतिक रूप से सहमत है। सहमति के तीन बिदुओं में पहली नागरिक संहिता तैयार कराना, दूसरा उपयुक्त तंत्र के जरिए निचली नौकरशाही को लोकपाल के दायरे में लाना और तीसरा राज्यों में लोकायुक्त की स्थापना शामिल है। संसद में आज (शनिवार) जो कार्यवाही हुई है उसे स्थायी समिति को भेजा जाएगा ताकि वह प्रस्ताव को देखते हुए विधेयक का पुनरीक्षण कर सके। मुझे उम्मीद है कि संसद का प्रस्ताव देखते हुए आप अविलंब अपना अनशन समाप्त कर देंगे। हम सभी आपके अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबे जीवन की कामना करते हैं।


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