, नई दिल्ली अन्ना हजारे का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। इसी रामलीला मैदान में पार्टियों की रैलियों में जब उनके समर्थक आते हैं तो तेज धूप और मूसलाधार बारिश होने पर आधा मैदान खाली हो जाता है लेकिन अन्ना का जादू ऐसा है कि लोगों को न तेज धूप डिगा पा रहा है और न ही मूसलाधार बारिश ही लोगों को रामलीला मैदान से हिला पा रही है। हाल यह है कि तीन दिनों की छुट्टी के बाद मंगलवार को कार्य दिवस का दिन था। सभी को लग रहा था कि मंगलवार को भीड़ कम होगी लेकिन सभी आशंकाओं को दरकिनार करते हुए मंगलवार को दोपहर दो बजे तक 25 से 30 हजार लोग मैदान में जमे हुए थे। मंगलवार को समय सुबह के आठ बजे करीब पांच से छह हजार लोग बैठे थे जैसे जैसे दिन बढ़ता गया लोग बढ़ते चले गए। दस बजे तक अन्ना के मंच पर आने का समय होता है लिहाजा रामलीला मैदान में दस बजे तक 15 हजार लोग आ चुके थे लेकिन स्वास्थ्य जांच के कारण अन्ना मंच पर मंगलवार को सवा घंटे की देरी से सवा ग्यारह बजे पहुंचे जिससे लोगों में गजब का ऊर्जा का संचार हो गया। लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने लगे। अन्ना ने आते ही माइक संभाला और कहा कि हिम्मत हारने की जरूरत नहीं है यह आजादी की दूसरी लड़ाई है जो जारी रहनी चाहिए। इस अहिंसक आंदोलन में सभी को अनुशासित रहने की भी सीख दी। मंच का संचालन कर रहे कुमार विस्वास ने कहा कि लोग तिरंगा झंडा लेकर बिना हैलमेट की बाइक चला रहे हैं जो गलत है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति नियम और कायदे कानून को न तोड़े। पूरी तरह से अनुशासित होकर आंदोलन का हिस्सा बने। इस मुद्दे पर अन्ना हजारे ने भी कहा कि हमें सरकार को कोई ऐसा मुद्दा नहीं देना जिससे उसे कोई हथियार मिल जाए।
Thursday, August 25, 2011
न तेज धूप डिगा रही और न मूसलाधार बारिश
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