Tuesday, August 30, 2011

मनमोहन ने सूझबूझ से सुलझाई सभी उलझनें

नई दिल्ली संसद के दोनों सदनों में शनिवार को बहस चरम पर थी। विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी थे, लेकिन असली खेल तो पर्दे के पीछे चल रहा था। संसद के प्रस्ताव के जरिये अन्ना का अनशन खत्म कराने में आखिरी तक रोडे़ अटकते रहे। एक घटना ने तो पूरा माहौल ही बिगाड़ दिया, गनीमत रही कि प्रधानमंत्री ने विवेक दिखाया वरना उनकी टीम ने एक बार बातचीत फिर पटरी से उतार दी थी। संसद में बहस शुरू होने से पहले ही सरकार व भाजपा एक प्रस्ताव पर राजी हो गए थे, जिसमें अन्ना की तीनों प्रमुख मांगों को शामिल किया गया था। टीम अन्ना भी इससे सहमत थी। अचानक दोपहर में टीम अन्ना ने कहा, अन्ना के प्रस्ताव पर सदन में मतदान नहीं होगा और भाजपा भी सरकार के साथ है। भाजपा नेता इस खबर से उखड़ गए। वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने तत्काल लोकसभा के नेता व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी से चर्चा की। बात प्रधानमंत्री तक पहुंची और उन्होंने अपने कक्ष में बैठक शुरू कर दी। अपने ऊपर आए आक्षेप की काट के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज तत्काल मीडिया के सामने आई और कहा,भाजपा तीनों मुद्दों पर संसद में पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने भ्रम फैलाने के लिए सरकार को चेतावनी भी दी। इसके बाद सरकार के साथ बैठक में सुषमा ने इस बारे में सीधे केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद से कैफियत तलब कर ली। खुर्शीद ने साफ किया कि वे न तो टीम अन्ना से मिले और न ही उनकी किसी से बात हुई। कांग्रेस की युवा बिग्रेड के आधा दर्जन मंत्री व सांसद चाहते थे कि सुबह जिस प्रस्ताव पर सहमति बनी थी, उसी को पारित कराया जाए। हालांकि इस बैठक में भी प्रस्ताव के कई मसौदे सामने आए। सभी की अपनी-अपनी राय थी। इस घटनाक्रम को सबसे ज्यादा उलझाने वाले केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल अपना ही राग अलापते रहे। उन्होंने अन्ना के बजाय फिर अपने प्रस्ताव को संसद में पेश करने का दबाव भी बनाया। पी. चिदंबरम बैठक में ज्यादातर समय शांत ही रहे। फिर दो घंटे की माथापच्ची के बाद सुबह तैयार हुए प्रस्ताव पर ही बात बनी। इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार के मतभेद भी उजागर कर दिए। अन्ना हजारे से सीधे बात कर रहे केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने बैठक में कहा,अन्ना तीनों मुद्दों पर पीएम से लिखित आश्वासन मिलने पर ही मान जाएंगे, जबकि खुर्शीद व संदीप दीक्षित से बात कर रही टीम अन्ना संसद से प्रस्ताव पर जोर दे रही थी।


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