Sunday, August 28, 2011

गतिरोध के लिए चिदंबरम, सिब्बल जिम्मेदार

अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने जनलोकपाल के मुद्दे पर बुधवार आए गतिरोध का ठीकरा दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों कपिल सिब्बल और पी. चिदंबरम पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि चिदंबरम और सिब्बल सरकार व अन्ना के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत के सख्त खिलाफ हैं और इसी कारण बातचीत प्रभावित हुई है। केजरीवाल ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के कुछ लोग वार्ता को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम एक सहमति पर पहुंच गए थे। केजरीवाल ने इसके लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया है। लोकपाल के गठन से पहले ही कोटे की मांग जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : लोकपाल के स्वरूप को लेकर सरकार और टीम अन्ना के बीच भले ही अब तक सहमति नहीं बन पाई हो पर अभी से इसमें भी आरक्षण की मांग उठने लगी है। रामविलास पासवान ने कहा कि लोकपाल बने पर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और अल्पसंख्यकों का भी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए। पासवान ने कहा कि लोकपाल बने या जन लोकपाल, पर इसके गठन में समाज के हर तबके का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। ऐसा न हो कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इससे बाहर हो जाएं। सर्च कमेटी से लेकर ग्यारह सदस्यीय लोकपाल के गठन तक में सभी वर्गो के लिए आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। अन्ना हजारे से अनशन समाप्त करने की संसद से की गई अपील के बाद पासवान ने कहा कि अब अन्ना को अपना अनशन तोड़ देना चाहिए। अन्ना के आंदोलन सेदलित और पिछड़ों में आशंका हो रही है कि कहीं यह आंदोलन उनके हक को छीनने के लिए तो नहीं है।


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