नई दिल्ली जन लोकपाल की मांग को लेकर रामलीला मैदान पर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे की सेहत जरूर बिगड़ी है लेकिन वह डिगने को कतई तैयार नहीं हैं। हालत बिगड़ने के बावजूद वह मंगलवार को लगभग 40 घंटे बाद मंच पर आए और यहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा, डॉ. त्रेहन और उनके सहयोगियों ने सलाह दी थी कि ड्रिप चढ़ानी होगी लेकिन मेरी अंतरात्मा कह रही है कि अगर समाज के लिए जीने मरने की बात की है तो मरने से क्या डरना। मैं मर भी गया तो क्या, कितने अन्ना खड़े हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर जैसे-जैसे अन्ना की तबियत खराब हो रही है, केंद्र सरकार का बीपी बढ़ता जा रहा है। अन्ना के इलाज से इंकार और जबरन अस्पताल में भर्ती करने की कोशिशों को रोकने की समर्थकों से अपील पर गृह मंत्रालय के हाथ-पांव फूल गए हैं। गृह मंत्रालय की चिंता यह है कि अन्ना की शांति की अपील के बाद भी उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ने की स्थिति में पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया हो सकती है और उससे निपटना मुश्किल होगा। इस संबंध में खुफिया विभाग पहले ही सरकार को आगाह कर चुका है। हालात को तौल रहे गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार अन्ना की सेहत पर नजदीक से नजर रख रही है। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में होने वाली प्रतिक्रिया रोकना ज्यादा मुश्किल होगा, इसीलिए इससे पहले ही अन्ना को अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की गई थी। इस कड़ी में दिल्ली पुलिस की ओर से आपात स्थिति में अन्ना को अस्पताल में दाखिल कराने की तैयारी पर पेश विस्तृत रिपोर्ट पर भी मंत्रालय में विचार हुआ। हालांकि सरकार और पुलिस के इस पैंतरे को भांप कर अन्ना ने अपने दांव से उसे धराशायी कर दिया। उन्होंने अपने समर्थकों से पुलिस को ऐसा नहीं करने देने की अपील कर दी। जाहिर है इसके बाद दिल्ली पुलिस की तैयारियों पर पानी फिर सकता है। अब गृह मंत्रालय के अधिकारियों के लिए अन्ना के अनशन के जल्द खत्म होने या फिर उनके समर्थकों की प्रतिक्रिया से निपटने की तैयारी के अलावा कोई उपाय नहीं बचा है। उधर मंगलवार शाम स्वास्थ्य जांच के बाद डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया कि खून की जांच में कुछ बदलाव आए हैं, और स्वास्थ्य पारा मीटर गिरता जा रहा है। उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत है, लेकिन अन्ना अपने समर्थकों को छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते हैं। हमने फिलहाल उन्हें स्टेबलाइज करने के लिए अनशन स्थल पर ही ड्रिप लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह मना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह फिर जांच के बाद हम आगे का फैसला करेंगे। उनका रक्तचाप 125/80 पाया गया, जबकि प्लस दर 84 प्रति मिनट दर्ज की गई। डॉक्टरों के अनुसार शुगर की कमी से किटोन की मात्रा में काफी वृद्धि हो रही है, जिस का असर किडनी पर पड़ रहा है। (पेज-2, 3 और 4 भी देखें)

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