गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अन्ना हजारे के आंदोलन को खत्म करने के लिए अलोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल किया। मोदी ने अन्ना के स्वास्थ्य पर भी चिंता जताई और कहा कि देश अन्ना के स्वास्थ को लेकर चिंतित है। मोदी ने कहा कि ट्विटर से जुड़े हम सभी लोगों को अपनी बात रखकर इस सरकार के हर अलोकतांत्रिक तरीके की पोल खोलनी चाहिए। 16 अगस्त से शुरू हुए अन्ना हजारे के अनशन के बाद इसे लेकर मोदी ने पहली बार कुछ कहा है। केंद्र लचीला रुख अपनाए :राजनाथ हैदराबाद : भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एक कमजोर लोकपाल विधेयक पेश करने को लेकर केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को एक प्रभावी भ्रष्टाचार रोधी विधेयक तैयार करने और इस मुद्दे पर गतिरोध खत्म करने के लिए कुछ लचीला रूख अख्तियार करना चाहिए। सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम यह कह रहे हैं कि सरकार को पहल करनी चाहिए और अन्ना हजारे पक्ष के साथ बात करनी चाहिए, ताकि गतिरोध का हल हो सके, लेकिन सरकार इसमें देर कर रही है। अस्थाई रूप से अन्ना रोक दें अनशन : विश्वेशतीर्थ बेंगलूर: श्री पेजावर अधोक्षजा मठ के विश्वेशतीर्थ स्वामीजी ने अन्ना हजारे से अपील की है कि यदि सरकार प्रस्तावित लोकपाल विधेयक को वापस लेने पर राजी हो जाती है, तो उन्हें अपना अनशन अस्थाई रूप से रोक देना चाहिए। अन्ना को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, यह सही नहीं होगा कि हम भावनाओं के ज्वार में जन लोकपाल विधेयक को स्वीकार कर लें। ऐसे में यह पर्याप्त होगा कि सरकार 30 अगस्त तक लोकपाल विधेयक को वापस ले ले। यदि वह ऐसा करती है, तो आप अपना अनशन अस्थाई रूप से रोक दें। इसके बाद देश अगले दो-तीन महीनों में मिल कर निर्णायक विधेयक तैयार करे और सरकार को उसे ही स्वीकार करने के लिए दबाव डाले।

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