Thursday, August 25, 2011

कालेधन पर जांच दल को तैयार नहीं केंद्र

केंद्र सरकार ने कालाधन जांच मामले में सुप्रीम कोर्ट से एसआइटी गठन का आदेश वापस लेने की मांग करते हुए दलील दी है कि आदेश व्यावहारिक नहीं है और इस पर अमल करना मुश्किल हो रहा है। बुधवार को केंद्र की ओर से ये दलील एटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने दी। वाहनवती ने कहा, काले धन की जांच मामले में कोर्ट के आदेश में कई ऐसी बातें हैं जो अव्यावहारिक हैं। एसआइटी को सुपर पावर देते हुए मौजूदा कानूनी और संसदीय तंत्र की अनदेखी हुई है। सरकार ने सारी जांच के लिए एजेंसियों के प्रमुखों की उच्च स्तरीय समिति बनाई थी जो काला धन मामले में जांच की निगरानी करती। लेकिन कोर्ट ने उसे एसआइटी घोषित कर दिया और जांच और अभियोजन के अधिकार दे दिए। आखिर आरबीआइ का डिप्टी डायरेक्टर किसी मामले की जांच कैसे कर सकता है और आइबी प्रमुख का तो किसी को नाम भी नहीं पता होता, फिर वह कैसे एसआइटी में शामिल हो सकता है। जबकि दूसरी ओर वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के वकील अनिल दीवान ने केंद्र सरकार की अर्जी का जोरदार विरोध किया। बहस गुरुवार को भी जारी रहेगी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने काले धन की जांच के लिए दो सेवानिवृत्त जजों की अध्यक्षता में विशेष जांच गठित कर जांच करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार ने अर्जी दाखिल कर आदेश में बदलाव करने की मांग की है। कोर्ट आजकल इसी अर्जी पर सुनवाई कर रहा है।


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