नई दिल्ली जन लोकपाल के लिए रामलीला मैदान में अन्ना अनशन पर बैठे हैं। वहां और भी दर्जनों ऐसे लोग हैं जिन्होंने 16 अगस्त से ही कुछ नहीं खाया है। वे भी अन्ना की तरह ही सिर्फ पानी पी कर रहे हैं। उनका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए जब तक अन्ना अनशन नहीं तोड़ते तब तक वे भी अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं करेंगे। ऐसे दर्जनों अनशनकारी अभी स्वस्थ्य हैं। उन्होंने कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं ली है। उनके मुताबिक अन्ना उनके प्रेरणा के स्रोत हैं, उनके भाषण से ही उन्हें खासी ऊर्जा मिल जाती है। रामलीला मैदान में अनशन की जगह मिलने के बाद से ही वहां अन्ना के साथ ही दर्जनों लोगों ने भी स्वेच्छा से खाना त्याग दिया है। सभी के मन में अन्ना के प्रति अटूट श्रद्धा तथा आंखों में भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना है। अन्ना के मंच के बगल में एक तख्त पर महाराष्ट्र के भीम सिंह उर्फ मौनी बाबा ने डेरा डाल रखा है। वह खाना त्यागकर सिर्फ पानी पी रहे हैं। भीम सिंह का कहना है कि अन्ना हजारे जी भले ही पहले अनशन समाप्त कर दें। वह तब तक भोजन ग्रहण नहीं करेंगे जब तक प्रभावशाली कानून काम करना शुरू नहीं कर पाएगा। वह पहले भी 80 दिन पानी पीकर रह चुके हैं। अनशन पर बैठे देख भीम सिंह को शाहदार निवासी घनश्याम का साथ मिल गया है। घनश्याम दिन-रात उनकी सेवा में जुटे हुए हैं तथा पंखा झल रहे हैं। घनश्याम के मुताबिक भीम सिंह का यह प्रयास अन्ना के समान ही है। जम्मू-कश्मीर के राज कुमार भी रामलीला मैदान में अनशन पर हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ वह अन्ना के समर्थन में आए हैं। भिवानी, हरियाणा के सुरेंद्र बूंदीवाल ने पिछले छह दिनों से खाना नहीं खाया है। उन्होंने अन्ना के मंच के सामने ही डेरा डाल रखा है।

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