Thursday, August 25, 2011

फीकी रही प्रधानमंत्री के इफ्तार की रौनक

यशवंत सिन्हा, वरुण गांधी व नकवी ने किया दावत से किनारा जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली प्रधानमंत्री निवास पर मंगलवार को हुई रोजा इफ्तार दावत में मौजूदा सियासी बवंडर की छाया साफ नजर आ रही थी। लोकपाल का मुद्दा पूरी दावत में छाया रहा। साथ ही 7, रेसकोर्स रोड पर हुई प्रधानमंत्री की दावत की रौनक इस बार इसलिए भी कुछ कम थी क्योंकि गांधी परिवार का कोई सदस्य यहां नहीं था। जबकि भाजपा नेताओं में यशवंत सिन्हा, वरुण गांधी व मुख्तार अब्बास नकवी ने खुद को इफ्तार दावत से दूर रखा। दरअसल, सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मुल्क से बाहर हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी इफ्तार पार्टी में नजर नहीं आए। ऐसे में टीम अन्ना के साथ लोकपाल पर हो रही पेचीदा बातचीत व राजनीतिक उलझनों के दबाव के बीच पार्टी अध्यक्ष की कमी के निशान कांग्रेसी नेताओं के चेहरे पर नजर आ रहे थे। लोकपाल मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक और टीम अन्ना के साथ वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की वार्ता के बीच एक इंटरवल की तरह दिखी इस दावत में दोनों को लेकर उत्सुकता हर चेहरे पर थी। केंद्रीय मंत्री भी सर्वदलीय बैठक से बाहर निकले साथियों और अन्य नेताओं से नतीजे जानने की कोशिश कर रहे थे। प्रधानमंत्री के बाद पत्रकारों की सबसे ज्यादा भीड़ प्रणब मुखर्जी, कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के आस-पास घिरी थी। पत्रकार एवं नेता दोनों एक-दूसरे से इस मामले पर ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं जुटाने की कोशिश कर रहे थे। टीम अन्ना के साथ बातचीत में लगे नेता ज्यादा बात करने से कतरा रहे थे। वहीं सरकार के संकटमोचकों को दावत से निकलकर टीम अन्ना के साथ जारी गतिरोध दूर करने की कोशिशों में फिर से जुटने की जल्दी भी थी। सर्वदलीय बैठक के ठीक बाद हुई इस दावत में विपक्ष के नेता पहुंचे तो जरूर लेकिन ज्यादा देर ठहरे नहीं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली मौजूदगी की औपचारिकता निभाकर थोड़ी ही देर में रवाना हो गए। इफ्तार दावत के दौरान कई नेताओं को बाहर खड़े कैमरों से रूबरू होने का इंतजार भी था ताकि वो सर्वदलीय बैठक में अपनी पार्टी के नजरिए को रख सकें।

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