Tuesday, August 30, 2011

सांसदों से मतभेद हैं मनभेद नहीं

रामलीला मैदान में आम जनता के बीच रहे अन्ना गुड़गांव के निजी अस्पताल मेदांता में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं और वहा पहुंचना जंग जीतने से कम नहीं। किसी तरह अस्पताल की 13वीं मंजिल पर उनके कमरे तक पहुंचना होता है। वह हर शख्स का स्वागत चिरपरिचित मुस्कान से करते हैं। उनके बेड के पास रखा मेडिकल चार्ट बताता है कि उनके रक्त का दबाव सामान्य है, लेकिन जोश से उबलते अन्ना कहते हैं, मुझे तो कुछ नहीं हुआ, फिर भी डॉक्टर लोगों ने मुझे बिस्तर पर डाल दिया है। अन्ना भले ही पूरी दुनिया के हीरो बन गए हों, मगर उनके हीरो आज भी महात्मा गांधी ही हैं। अन्ना ने सोमवार सुबह पांच बजे उठते ही अस्पताल प्रशासन से महात्मा गांधी की तस्वीर लाने का आग्रह किया। अन्ना की खिदमत में जुटे स्टाफ ने गांधी की फोटो मुहैया कराने में देर नहीं लगाई। बापू की तस्वीर के सामने बैठकर उन्होंने करीब एक घंटे तक ध्यान लगाया। अस्पताल कर्मियों के अनुसार, अन्ना ने उनसे बातचीत के दौरान कहा कि संसद में बैठे लोगों से उनका कोई मनभेद नहीं हैं, कुछ बातों को लेकर मतभेद जरूर है। हम सब एक देश के वासी हैं और मतभेद अपनों से होता है। अपनों से ही कोई अपनी बात कह सकता है और वही हम कर रहे हैं। लगातार हजारों से घिरे रहने के बाद अन्ना अस्पताल के कमरे में अपना समय कैसे बिता रहे हैं, इसका जवाब दे रहे हैं उनके बिस्तर पर पसरे कागज। थोड़ी-थोड़ी देर में करवट लेकर वह यकायक कुछ लिखने लग जाते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे करीबी लोग भी कमरे के दूसरे हिस्से में बैठे हैं। अन्ना के सहयोगी विभव बताते हैं कि अभी अस्पताल में दूसरा दिन है, लेकिन अन्ना को सिर्फ जूस, नारियल पानी और शहद ही दिया जा रहा है। शायद कल कुछ ठोस आहार ले सकें। डा. नरेश त्रेहान ने बताया कि अभी उनके स्वास्थ्य में केवल 30 प्रतिशत ही सुधार हुआ है। उन्होंने अभी भोजन लेना भी शुरू नहीं किया है। केवल आराम करना पसंद कर रहे हैं। अस्पताल के बाहर अन्ना समर्थकों की भीड़ जुटने का सिलसिला कायम है। लोग इस चाह में आ रहे हैं कि शायद अन्ना के दर्शन हो जाएं। पुणे का एक परिवार भी अन्ना से मिलने के लिए यहां आया है। सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना की मदद पाने। अन्ना का अनशन तुड़वाने में सरकार की तरफ से अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री विलास राव देशमुख ने अस्पताल जाकर अन्ना के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना भी की। रामलीला मैदान की तरह अस्पताल के सामने भी टोपी व झंडे की बिक्री शुरू हो गई है।


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