, नई दिल्ली अन्ना हजारे के अनशन का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार का खात्मा है लेकिन वह मंच से सभी लोगों को जोड़ने कर अनूठी मिसाल भी कायम कर रहे है। अन्ना के मंच से किसानों के हक की आवाज को भी प्रमुखता के साथ उठाया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन, किसान संघर्ष समितियां, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश व झारखंड से आये किसान नेताओं का समर्थन मिलने से टीम अन्ना को सरकार को अपनी ताकत दिखाने का अच्छा अवसर मिल गया है। किसानों की आवाज को बुलंद करने के काम को टीम अन्ना बखूबी निभा रही है। मंच से नर्मदा बचाओ आंदोलन को प्रमुखता से उठाने वाली मेधा पाटकर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान राजनीति के प्रमुख रहे महेन्द्र सिंह टिकैत के पुत्र राकेश टिकैत जैसे किसान हितैषियों के द्वारा किसानों के साथ भूमि अधिग्रहण के नाम पर किये जा रहे सरकार के फरमानों पर भी खुली चर्चा हो रही है। अन्ना के अनशन को सफल बनाने के लिए टीम अन्ना ने यह रणनीति बनाई है ताकि अनशन को किसानों को पूरा साथ मिल सके। राकेश टिकैत व मेधा पाटकर ने मंच से नोएडा के भट्टा पारसौल, अलीगढ़ के टप्पल व पश्चिम बंगाल के बड़े आंदोलन नंदीग्राम के भूमि आंदोलनों के दौरान किसानों, उनके परिवारों व महिलाओं के साथ किए गए अत्याचार की दास्तां रखी। अन्ना हजारे के अनशन में आ रही हजारों की भीड़ के सामने किसानों की बात होती है तो सभी बड़े ध्यान से सुनते हैं। मेधा पाटेकर कहती हैं कि देश में जितना जुल्म किसानों के साथ हो रहा है इतना किसी के साथ नहीं हुआ है। बेइंतहा दर्द है किसानों के सीने मे,ं देश भर को खिलाने वाला किसान स्वयं आधे पेट है। यह कहां का न्याय है। किसानों ने भी अन्ना की भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जंग को सफल बनाने के लिए पूरा दिल खोलकर समर्थन के लिए हाथ बढ़ाये हैं। रोजाना हरियाणा,पश्चिम उत्तर प्रदेश,पंजाब व दिल्ली के गांवों से हजारों की संख्या में किसान राम लीला मैदान पहुंच रहे है। अन्ना के अनशन को समर्थन के लिए 28 अगस्त को राकेश टिकैत के नेतृत्व में लगभग दस हजार किसान अन्ना के समर्थन करेंगे।
Sunday, August 28, 2011
अन्ना मंच से किसान गर्जना
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