नई दिल्ली अन्ना का अनशन भले खत्म हो गया हो, पर रामलीला मैदान में उनके मंच से सांसदों के खिलाफ टिप्पणी का मसला तूल पकड़ रहा है। मंच से फिल्म अभिनेता ओमपुरी द्वारा सांसदों को अनपढ़ व गंवार बताने का मामला सोमवार को संसद में भी गूंजा। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा एवं राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है। पुरी के साथ ही नेताओं के खिलाफ टिप्पणी के लिए किरण बेदी के विरुद्ध भी नोटिस दिया गया है जो लोस एवं रास के सभापति के पास विचाराधीन है। इस बीच अभिनेता ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि यदि उन्हें संसद में तलब किया जाता है तो वह वहां पेश होंगे। पुरी ने कहा, मैं बहुत भावुक हो गया था और मुझे ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर खेद है। मुझे बेहतर शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए था। वहीं फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि मैं ओमपुरी के साथ हूं, जिन्होंने उस बात को सार्वजनिक तौर पर कहा जो हर दिन लाखों बार और लाखों घरों में कहीं जाती है। किरण बेदी ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मुझे जब नोटिस मिलेगा मैं उसका जवाब दूंगी। राज्यसभा में सोमवार को प्रश्नकाल खत्म होते ही सपा के प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि अन्ना के मंच से 26 अगस्त को ओमपुरी की तरफ से संसद सदस्यों को अनपढ़, गंवार और नालायक कहा गया है। समाचार चैनल पर उसका सीधा प्रसारण हुआ। यह इस सदन की अवमानना है। लिहाजा कार्रवाई के लिए यह प्रकरण विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया जाना चाहिए। सपा सदस्य ने जोड़ा कि जहां तक सदस्यों के अनपढ़ होने का सवाल है, 80 प्रतिशत सांसद ग्रेजुएट हैं। उन्होंने सवाल किया कि अनशन पर बैठने वाले अन्ना खुद कितने पढ़े-लिखे है? अपने प्रबंध तंत्र के लिए जाना जाने वाला अकबर महान ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था। बिल गेट्स ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी। इसी कड़ी में उन्होंने उद्योगपति स्वर्गीय धीरुभाई अंबानी का भी नाम लिया। निर्दलीय मुहम्मद अदीब ने कहा कि अन्ना आंदोलन से जुड़ी किरण बेदी ने तीन दिनों पहले सांसदों को भला-बुरा कहा। अन्ना के सहयोगी प्रशांत भूषण ने इस सदन के एक सदस्य के साथ रविवार को एक न्यूज चैनल पर कहा कि संसद में घूस लेकर विधेयक पास किए जाते हैं। बेदी व भूषण के खिलाफ विशेषाधिकार का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि प्रशांत ने जिसे नेता मानकर आंदोलन किया, वह एक ट्रक ड्राइवर था। सदन के दूसरे सदस्यों ने भी इन सदस्यों से सहमति जतायी। उप सभापति रहमान खान ने कहा कि यह मामला अब सभापति के विचाराधीन है। जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। लोस अध्यक्ष मीरा कुमार ने शून्यकाल में बताया कि सांसद रामशंकर राजभर, प्रवीण सिंह ऐरन, जगदंबिका पाल, डॉ. विनय पांडेय, पीएल पुनिया, मिर्जा महबूब बेग, हर्षवर्धन, कमल किशोर, प्रेमदास कठेरिया और शैलेंद्र कुमार ने ओमपुरी के खिलाफ एक नोटिस दिया है।
Tuesday, August 30, 2011
विशेषाधिकार हनन में घिरे ओमपुरी-किरण
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