: अन्ना हजारे ने संसद की अनशन तोड़ने की अपील को ठुकराते हुए सरकार के समक्ष तीन शर्ते रख दी हैं। उन्होंने कहा, जन लोकपाल पर संसद में चर्चा शुरू होने और तीनों मुद्दों पर सहमति बनने पर ही वह अनशन तोड़ने पर विचार करेंगे। अन्ना हजारे ने गुरुवार को रामलीला मैदान में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, प्रधानमंत्री व संसद ने मेरे स्वास्थ्य पर चिंता जताई है, इसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं, लेकिन मेरे स्वास्थ्य की चिंता आज उन्हें हुई। वह 10 दिनों से कहां थे। दरअसल, चिंता उन लोगों को है जो यहां आए हुए हैं। एयर कंडीशन में बैठने वालों को अन्ना के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पेशकश के जवाब में अन्ना ने कहा, संसद में जन लोकपाल पर चर्चा शुरू हो तो हम अपना अनशन तोड़ने पर विचार करेंगे, लेकिन हमारी तीन मुख्य मांगे हैं। राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति, निचले स्तर के अफसरों को भी लोकपाल के दायरे में लाना और नागरिक चार्टर बनाना। इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सहमति बनने तक उनका अनशन जारी रहेगा। हजारे के कहा, इस मुद्दे पर विपक्षी दल मौन क्यों हैं। इन सबके दिल में है कि जन लोकपाल नहीं आना चाहिए, नहीं तो सत्ता हाथ से निकल जाएगी। समर्थकों के समक्ष अपने स्वास्थ्य के बारे में आ रही चिंताजनक रिपोर्टो को खारिज करते हुए अन्ना ने कहा, मेरा वजन सिर्फ 6.5 किलोग्राम कम हुआ है। बाकी तबीयत ठीक है। मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं जन लोकपाल विधेयक पारित होने तक नहीं मरूंगा।
Saturday, August 27, 2011
मांगें मानने पर ही टूटेगा अनशन
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